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धोनी बहुत बुद्धिमान और चतुर कप्तान है: संगकारा

श्रीलंकाई कप्तान कुमार संगकारा ने फाइनल में महेंद्र सिंह धोनी की टीम से मिली शिकस्त के बाद कहा कि भारत का बल्लेबाजी क्रम इतना मजबूत है कि 300 रन का स्कोर भी जीत के लिये पर्याप्त नहीं होता.

श्रीलंकाई कप्तान कुमार संगकारा ने क्रिकेट विश्व कप फाइनल में महेंद्र सिंह धोनी की टीम से मिली शिकस्त के बाद कहा कि भारत का बल्लेबाजी क्रम इतना मजबूत है कि 300 रन का स्कोर भी जीत के लिये पर्याप्त नहीं होता.

संगकारा ने कहा, ‘जब आपका बल्लेबाजी क्रम इतना शानदार हो तो जीत के लिये 300 रन भी काफी नहीं होते.’ उन्होंने कहा, ‘उनकी (भारत) बल्लेबाजी अविश्वसनीय है, जो वनडे क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ है. महेंद्र सिंह धोनी बहुत बुद्धिमान और चालाक कप्तान हैं.’

संगकारा ने बीती रात मैच के बाद कहा, ‘बायें हाथ मैंने जो भी बल्लेबाज देखे हैं, उसमें गंभीर सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक हैं. उन्होंने विराट (कोहली) के साथ मिलकर साझेदारी की. महेंद्र सिंह धोनी जानते थे कि क्या करना चाहिए.’

यह पूछने पर कि टास को लेकर क्या भ्रम हुआ था तो उन्होंने कहा कि किसी ने भी अपनी पसंद नहीं बोली थी. उन्होंने कहा, ‘किसी ने भी अपनी पंसद नहीं बोली थी. धोनी ने सोचा कि मैं हार गया जबकि हम दोनों टास जीतना चाहते थे.’ संगकारा ने स्वीकार किया कि श्रीलंकाई टीम ने शुरू में वीरेंद्र सहवाग और सचिन तेंदुलकर को आउट करने के बावजूद मौका गंवा दिया.{mospagebreak}

उन्होंने कहा, ‘जब हमें पहले दो विकेट मिल गये थे, उसके बाद हम अच्छी गेंदबाजी नहीं कर पाये. महेंद्र सिंह धोनी क्रीज पर जम गये.’

संगकारा ने कहा, ‘पूरे मैच के दौरान पिच काफी अच्छी थी. पारी के बीच में यह थोड़ी टर्न कर रही थी. हम उन्हें ज्यादा परेशान नहीं कर पाये. जहां तक स्पिन की बात है मुरली हमारा सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज हैं. वह गेंद टर्न कर रहा था.’

उन्होंने कहा, ‘जब उन्होंने 18वें या 19वें ओवर में 100 रन बना लिये, हम समझ गये थे कि वे अच्छा प्रयास कर रहे हैं. इसी समय हमें उन पर थोड़ा दबाव बनाना चाहिए था, लेकिन हम ऐसा नहीं कर पाये.’ अंजता मेंडिस की जगह सूरज रणदीव को शामिल करना फायदेमंद नहीं हुआ लेकिन श्रीलंकाई कप्तान ने कहा कि भारत के खिलाफ रणदीव के शानदार रिकार्ड को देखते हुए उसे अंतिम एकादश में शामिल किया गया.

संगकारा ने कहा, ‘हम मेंडिस के विकल्प के बारे में सोच रहे थे. हमें एंजलो मैथ्यूज के कारण क्रम में बदलाव करने पर बाध्य होना पड़ा. रणदीव ने भारत के खिलाफ बेहतरीन प्रदर्शन किया है.’ श्रीलंका ने 1996 की विश्व कप खिताब जीता था. संगकारा ने कहा, ‘मैथ्यूज का बाहर होना हमारे लिये बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में करारा झटका था. लेकिन इसके बारे में हम कुछ नहीं कर सकते.’

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