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रियो में निशानेबाजों की नजरें पदक पर, जीतू राय करेंगे अभियान का आगाज

सितारों से सजा भारतीय निशानेबाजी दल शनिवार से रियो ओलंपिक में अपने अभियान का आगाज करेगा और सभी की नजरें फॉर्म में चल रहे जीतू राय पर होंगी जबकि बीजिंग ओलंपिक गोल्ड मेडल विजेता अभिनव बिंद्रा भी अपने सुनहरे करियर को शानदार तरीके से अलविदा कहना चाहेंगे.

एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स, वर्ल्ड चैंपियनशिप, वर्ल्ड कप में मेडल जीत चुके हैं जीतू एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स, वर्ल्ड चैंपियनशिप, वर्ल्ड कप में मेडल जीत चुके हैं जीतू

रियो ओलंपिक में भारतीय खेमें में सबसे अधिक शूटिंग इवेंट से मेडल की आस है. सितारों से सजा भारतीय शूटिंग टीम शनिवार से रियो ओलंपिक में अपने अभियान का आगाज करेगी और सभी की नजरें फॉर्म में चल रहे जीतू राय पर होंगी जबकि बीजिंग ओलंपिक गोल्ड मेडल विजेता अभिनव बिंद्रा भी अपने सुनहरे करियर को शानदार तरीके से अलविदा कहना चाहेंगे.

लंदन ओलंपिक में मिले छह पदकों से बेहतर प्रदर्शन की भारतीय उम्मीदों का दारोमदार निशानेबाजों पर ही है. जीतू राय और बिंद्रा के अलावा गगन नारंग, मानवजीत सिंह संधू, हीना सिद्धू और अपूर्वी चंदेला भी पदक के दावेदार हैं.

निशानेबाज रेंज के बाहर ज्यादा बोलने में विश्वास नहीं रखते और सुखिर्यों से दूर रहते हैं. बिंद्रा ने 15 दिन पहले ट्वीट किया था कि वह अपने पांचवें और आखिरी ओलंपिक के खत्म होने तक अब किसी के संपर्क में नहीं रहेंगे.

बिंद्रा के बाद भारत को ओलंपिक में दूसरा गोल्ड दिलाने के प्रबल दावेदार जीतू 10 मीटर एयर पिस्टल में उतरेंगे. वह 50 मीटर पिस्टल में वर्ल्ड चैम्पियन हैं और दोनों स्पर्धाओं में चुनौती पेश करेंगे.

एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स, वर्ल्ड चैंपियनशिप और वर्ल्ड कप में पदक जीत चुके जीतू ने कहा, ‘मुझे नहीं पता था कि ओलंपिक क्या होता है. मैं गांव से आया हूं और वैसा ही रहना चाहता हूं.’

मेडल के साथ विदा लेना चाहेंगे बिंद्रा
वहीं भारतीय निशानेबाजों की नयी पीढ़ी के प्रेरणास्रोत बिंद्रा मेडल के साथ खेल से विदा लेना चाहेंगे. पहले दिन 10 मीटर महिला एयर राइफल में भारत की अपूर्वी चंदेला और अयोनिका पाल भी उतरेंगे जो ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेल 2014 में क्रमश: गोल्ड और सिल्वर जीत चुकी हैं. हीना सिद्धू आईएसएसएफ वर्ल्ड रैंकिंग में टॉप तक पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला है. इसी साल उन्होंने वर्ल्ड कप में सिल्वर मेडल जीता था. लंदन में 10 मीटर फाइनल में चूकी हीना इस बार गलती सुधारना चाहेंगी.

लंदन में विजय कुमार ने भारत को 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल में सिल्वर मेडल दिलाया था. उनकी गैर मौजूदगी में गुरप्रीत सिंह पर दारोमदार होगा जिनके कोच भी पावेल स्मिरनोव हैं. एथेंस में 2004 में राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के सिल्वर जीतने के बाद शॉटगन निशानेबाज कोई कमाल नहीं कर सके लेकिन इस बार मानवजीत, के चेनाइ (ट्रैप शूटिंग) और मैराज अहमद खान (स्कीट) से मेडल की उम्मीद है.

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