मोइन अली
इंग्लैंड की वनडे और टेस्ट टीम का अहम हिस्सा बन चुके मोइन अली ने कभी अपनी दाढ़ी नहीं छुपाई, ना ही अपने समुदाय के हितों को लेकर चुप्पी साधे रहे. मैदान में गेंद और बल्ले से कमाल दिखाने के साथ मोइन ने भारत दौरे के समय फिलिस्तीन पर इजरायली कार्रवाई के खिलाफ भी आवाज बुलंद की. मोइन इस दौरान 'Save Gaza' का रिस्ट बैंड पहने नजर आए.
इमरान ताहिर
क्रिकेट वर्ल्ड कप 2015 में अपनी फिरकी का लोहा मनवाने वाले इमरान ताहिर करियर की शुरुआत में दाढ़ी नहीं रखते थे. हाल के समय उन्होंने 'लंबी और गछिन' दाढ़ी रखनी शुरू कर की है. हालांकि इसे एक अरसा हो गया है. पाकिस्तानी मूल के इमरान ताहिर का मानना है कि दाढ़ी की वजह से उन्हें बढ़िया प्रदर्शन करने में मदद मिलती है.
हाशिम अमला
अपनी बल्लेबाजी और दाढ़ी दोनों के जरिए दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेटर हाशिम अमला ने क्रिकेट जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है.
रविंद्र जडेजा
टीम इंडिया में अपने गेटअप के साथ प्रयोग करने वाले खिलाड़ियों में रविंद्र जडेजा का नाम सबसे आगे हैं. उनका मौजूदा लुक कुछ इस तरह का है.
इंजमाम उल हक
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इंजमाम उल हक भी लंबी दाढ़ी रखते थे. संन्यास के बाद तो उनका गेट अप आम तौर कुछ ऐसा रहता है.
सईद अनवर
पाकिस्तान के पूर्व सलामी बल्लेबाज सईद अनवर आधुनिक क्रिकेट के दौर में लंबी दाढ़ी रखने वाले पहली पांत के खिलाड़ियों में हैं. संन्यास के बाद सईद अनवर मौलवी बन गए और पैगंबर के संदेश को प्रचारित करने में जुट गए. अनवर ने कई खिलाड़ियों को दाढ़ी रखने के लिए प्रेरित किया.
शाहिद अफरीदी की दाढ़ी अनवर की तरह लंबी तो नहीं है, लेकिन लंबे समय से अफरीदी दाढ़ी रखते आए हैं.
वसीम जाफर
टीम इंडिया के लिए टेस्ट क्रिकेट में एक समय ओपनिंग करने वाले वसीम जाफर ने करियर के उत्तरार्ध में दाढ़ी रख ली. तकनीकी रूप से माहिर बल्लेबाज जाफर ने घरेलू क्रिकेट में 16 हजार से ज्यादा रन बनाए हैं. टीम इंडिया के लिए उन्होंने 31 टेस्ट खेले 34.10 की औसत से 1944 रन बनाए, उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 212 रन का है.
डब्ल्यू. जी. ग्रेस
डॉ. विलियम गिलबर्ड ग्रेस न कि सिर्फ एक महान क्रिकेट खिलाड़ी थे, बल्कि वह क्रिकेट के पितामह के रूप में जाने जाते हैं. हां, दाढ़ी के चलते उनको अलग पहचान भी मिली.
ग्रेस ने अपना टेस्ट कॅरियर 32 वर्ष की उम्र में शुरू किया जो कि इंग्लैंड द्वारा खेला गया पहला टेस्ट मैच भी था इसमें उन्होंने 152 रन बनाए थे और जब ग्रेस ने अपना अंतिम टेस्ट खेला तब वह 51 वर्ष के हो चुके थे. अपने 22 टेस्ट मैच के जीवन काल में ग्रेस ने 32.29 के औसत से कुल 1098 रन बनाए जिसमें उन्होंने दो शतक भी लगाए और 26.22 के औसत से कुल 9 विकेट लिए.