वहीं दूसरी ओर, शेफाली के पिता का फटे-पुराने ग्लव्स देखकर गला भर आया. पिता, बेटी की मजबूरी को याद कर रोने लगे. शेफाली के पिता की आंखों में बीते दिनों के दुख, आंसू बन कर निकलने लगे. शेफाली के पिता कहते है कि शेफाली ने फटे ग्लव्स वाली बात सबसे छिपाए रखी.