पहले बल्लेबाजी करते हुए 358/9 रनों के बड़े स्कोर के बावजूद भारत ने मैच गंवाया. कप्तान कोहली ने हार की कई वजहें गिनाईं. उन्होंने माना कि स्टंपिंग के मौके अहम होते हैं, हम मैदान पर थोड़े ढीले थे. अंतिम कुछ ओवरों में पांच मौके गंवाने की बात पचाना मुश्किल है.
जाहिर है भारत की हार का एक बड़ा कारण विकेट के पीछे ऋषभ पंत की नाकामी है. महेंद्र सिंह धोनी को आराम दिए जाने के बाद मिले स्वर्णिम मौके को पंत भुना नहीं पाए. धोनी की गैरमौजूदगी मैदान पर खली. विकेट के पीछे धोनी जैसी मुस्तैदी पंत में नहीं दिखी.
ऋषभ पंत खतरनाक दिख रहे एश्टन एगर को उस समय स्टंप करने से चूक गए, जब वह महज 38 रन बनाकर खेल रहे थे. दरअसल, पारी का 44वां ओवर फेंक रहे युजवेंद्र चहल की पहली गेंद पर एश्टन टर्नर क्रीज से बाहर निकल आए थे, लेकिन स्टंप के पीछे पंत उस गेंद को गैदर नहीं कर पाए और उन्होंने स्टंपिंग का शानदार मौका गंवाया. यह गेंद वाइड रही.
विकेट के पीछे पंत ने इस मैच में कई गलतियां कीं, लेकिन इस स्टंपिंग के मौकों को हाथ से जाता देख मोहाली के दर्शक भी हैरान रह गए. तभी 'धोनी-धोनी' का शोर उभरता सुनाई दिया. साफ है- मैदान पर मैच देखने आए करीब 28 हजार दर्शकों को धोनी की कमी खली.
टर्नर का स्टंप न हो पाना टीम इंडिया के लिए काफी महंगा साबित हुआ. उस कंगारू बल्लेबाज ने इसके बाद डेथ ओवरों के हीरो कहे जाने वाले जसप्रीत बुमराह और भुवनेश्वर कुमार को भी नहीं बख्शा और टीम को 13 गेंद शेष रहते जिता दिया.