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Satyendra Singh: हाड़ जमाने वाले बर्फीले पानी में 14 घंटे तक तैराकी! 36 KM लंबा नॉर्थ चैनल लांघ कर दिव्यांग स्विमर ने बनाया बड़ा रिकॉर्ड

एक शख्स जो पैरों से दिव्यांग है, लेकिन हौसलों से 'चट्टान' है. मध्य प्रदेश के सतेंद्र सिंह लोहिया ने कुछ ऐसा कीर्तिमान बना दिया जो ऐतिहासिक है. न केवल सतेंद्र सिंह, बल्कि उनके 6 साथियों ने 36 किलोमीटर लंबे नॉर्थ चैनल को करीब 12 डिग्री ठंडे पानी में 14 से ज्यादा घंटे तक तैराकी की. दुनियाभर के चैनलों में से सबसे ठंडे नॉर्थ चैनल को इतनी कठिन परिस्थितियों में दिव्यांग शरीर और पहलवान जैसे इरादों के साथ तैरकर एशियाई रिकॉर्ड बनाया है. जानिए कैसे पार किया नॉर्थ चैनल.

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International para swimmer Satyendra singh lohiya creates asian record International para swimmer Satyendra singh lohiya creates asian record

हिम्मत और हौसला बुलंद हो तो हर मुकाम हासिल किया जा सकता है. ये कहना है मध्य प्रदेश के दिव्यांग तैराक सतेंद्र सिंह लोहिया का, जिन्होंने भारत के लिए इतिहास रच दिया है. सतेंद्र सिंह जो दोनों पैरों से 70 प्रतिशत दिव्यांग हैं. उन्होंने अपने बाकी 3 साथियों के साथ नॉर्थ चैनल को पार कर एशियाई रिकॉर्ड कायम किया है. सतेंद्र ने 20 सितंबर, मंगलवार की शाम नॉर्दर्न आयरलैंड (Northern Ireland) में अपनी टीम के साथ 36 किलोमीटर लंबे नॉर्थ चैनल को 14 घंटे 39 मिनट में पार किया. 

विक्रम अवॉर्डी (2014) सतेंद्र सिंह लोहिया ने aajtak.in से खास बातचीत में कहा, 'हमने उत्तरी आयरलैंड के समय सुबह 6:30 बजे (भारतीय समयानुसार 11.00 बजे) नॉर्थ चैनल समुद्र में तैराकी शुरू की थी. नॉर्थ आयरलैंड और दक्षिण पश्चिम स्कॉटलैंड पोर्टपैट्रिक (Portpatrick) के बीच 36 किलोमीटर दूरी की यह तैराकी थी. विश्व के जितने भी चैनल है, उनमें से यह सबसे ठंडा है. यहां लगभग 12 डिग्री का तापमान रहता है. इस चैनल की यही सबसे बड़ी खासियत है. यह हमारी टीम का पहला एशियाई रिकॉर्ड है. इसका पानी इंग्लिश चैनल से भी काफी ठंडा है.' 

Satyendra singh

भिंड के गाता मेहगांव भिंड (मध्य प्रदेश) निवासी 35 साल के सतेंद्र सिंह का कहना है, 'हिम्मत और हौसला बुलंद हो तो हर मुकाम हासिल किया जा सकता है. मुझे तैराकी का बचपन से ही शौक था. 70% दिव्यांग होने की वजह से बचपन में मैं दोनों पैरों से बमुश्किल चल पाता था, फिर मैंने स्कूल खत्म होने के बाद गांव की वेसली नदी में तैराकी शुरू की.'

सतेंद्र ने कहा, 'दिव्यांग होने की वजह से गांव के कुछ लोग ताने मारते थे, लेकिन निराश होने की बजाय मैंने निश्चय किया कि दिव्यांगता को कभी अपने राह का रोड़ा नहीं बनने दूंगा. 2007 में डॉ वीके डबास के संपर्क में आया तो उन्होंने मुझे पैरा स्विमिंग के लिए मोटिवेट किया, इससे मेरे जीवन को नई दिशा मिली.'

सतेंद्र सिंह ने 2009 में कोलकाता में राष्ट्रीय पैरालंपिक स्विमिंग चैम्पियनशिप में पहली बार ब्रॉन्ज जीता था. वह कहते हैं, 'इस जीत ने मुझे इतना अधिक प्रेरित किया कि मैंने राष्ट्रीय पैरालम्पिक में एक के बाद एक 24 गोल्ड मेडल हासिल कर लिए. फिर जून 2018 में अपनी पैरा रिले टीम के माध्यम से इंग्लिश चैनल (36 किमी) को तैरकर पार किया, जो इंग्लैंड में है. इसके बाद अमेरिका के कैटलीन (Caitlyn) चैनल को अगस्त 2019 में पार किया और ऐसे फिर लगातार बढ़ता गया.'

Satyendra Singh Lohiya meets PM Modi
Para Swimmer Satyendra Singh Lohiya meets PM Modi

नॉर्थ चैनल के इतने ठंडे पानी में स्विमिंग करने से पहले कितनी तैयारी की? इसके बारे में सतेंद्र बताते हैं, 'हमने 1 सितंबर 2022 से इंग्लैंड के डोनगड़ी शहर में ट्रेनिंग स्टार्ट की थी. अपनी टीम के साथ 17 सितंबर तक हमने 15 दिन के प्रशिक्षण को पूरा किया. मेरी टीम में मनजीत सिंह हरियाणा से, जबकि एक तैराक कोलकाता और 3 तमिलनाडु से थे. नॉर्थ चैनल का तापमान लगभग 10 से 12 डिग्री तक रहता है और इसके लिए हमने प्रक्टिस के साथ-साथ अपनी डाइट का भी ध्यान रखा. एक्सरसाइज के साथ मेरा फिटनेस मंत्र है मेडिटेशन. मैं रोज करीब एक घंटे मेडिटेशन करता हूं जो मुझे फोकस करने के लिए मदद करता है.' 

बता दें कि सतेंद्र ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पैरालम्पिक तैराक चैम्पियनशिप में एक गोल्ड के साथ तीन मेडल हासिल किए हैं. 2014 में मध्य प्रदेश सरकार ने उन्हें विक्रम अवॉर्ड से नवाज़ा. सतेंद्र को विश्व दिव्यांगता दिवस के अवसर पर 3 दिसंबर 2019 को 'सर्वश्रेष्ठ दिव्यांग खिलाड़ी' पुरस्कार और 2020 में तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार भी मिल चुके हैं. यह पुरस्कार पहली बार किसी दिव्यांग पैरा तैराक खिलाड़ी को दिया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी इनकी सराहना कर चुके हैं.

 

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