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शाहिद अफरीदी ने कहा, मैं आलोचना की तरफ ध्यान नहीं देता

उन्होंने कहा, 'मुझे पता है कि उनकी (स्वदेश में प्रशंसकों की) प्रतिक्रिया क्या होगी. लेकिन मैं एक बार फिर कहूंगा, वहां (पाकिस्तान में) जो हुआ है उसे होने दीजिए. मुझे पता है कि मुझे और मेरी टीम को यहां क्या करना है.'

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ना तो मैं ट्विटर देखता हूं, ना ही फेसबुक: शाहिद अफरीदी
ना तो मैं ट्विटर देखता हूं, ना ही फेसबुक: शाहिद अफरीदी

भारत के खिलाफ वर्ल्ड टी20 में शिकस्त के बाद हो रही आलोचनाओं के बीच पाकिस्तान के कप्तान शाहिद अफरीदी का कहना है कि उन्हें आलोचना की कोई परवाह नहीं है क्योंकि उन्हें पता है कि उनकी टीम के लिए बेस्ट क्या है. गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से अफरीदी क्रिकेट विशेषज्ञों से लेकर मीडिया और पाकिस्तानी प्रशंसकों के निशाने पर हैं.

मैंने खुद को इन सबसे अलग रखा है
न्यूजीलैंड के खिलाफ टीम के महत्वपूर्ण मैच से पहले अफरीदी ने कहा, 'मुझे लगता है कि जब टूर्नामेंट शुरू भी नहीं हुआ था तब मीडिया कई चीजें कह रहा था. लेकिन वास्तविकता में ना तो मैं ट्विटर देखता हूं, ना ही फेसबुक और ना ही यह देखता हूं कि मीडिया क्या लिख रहा है. मैंने खुद को इससे अलग रखा है.'

मुझे पता है क्या करना है
अफरीदी ने कहा कि पाकिस्तान में जो हो रहा है उसे होने दें. उन्होंने कहा, 'मुझे पता है कि उनकी (स्वदेश में प्रशंसकों की) प्रतिक्रिया क्या होगी. लेकिन मैं एक बार फिर कहूंगा, वहां (पाकिस्तान में) जो हुआ है उसे होने दीजिए. मुझे पता है कि मुझे और मेरी टीम को यहां क्या करना है. यह मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज है. बाकी चीजों के बारे में बाद में सोचा जा सकता है कि कौन क्या कह रहा है. हमारे लिए मुख्य चीज प्रदर्शन है और हमें यह दिखाना होगा.'

खुद को बहुत भाग्यशाली मानते हैं अफरीदी
अफरीदी ने कहा कि यह खेल जितना देता है उतना छीन भी सकता है. उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि क्रिकेट ने सिर्फ यूनिस खान को ही नहीं बल्कि कई बड़े क्रिकेटरों को रुलाया है. मैंने कई को रोते हुए क्रिकेट छोड़ते देखा है. मैं अल्लाह का शुक्रगुजार हूं कि मैं पाकिस्तान के लिए लंबे समय से खेल रहा हूं, यह मेरे लिए बड़े सम्मान की बात है. मैंने इस बारे में सोचा भी नहीं था.' अफरीदी ने आगे कहा, 'नतीजा कुछ भी हो, मैं संतुष्ट होता हूं जब मैदान पर अपना शत प्रतिशत देता हूं. बात में नतीजा कुछ भी हो, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता लेकिन मुझे और मेरे साथियों को अपना शत प्रतिशत देना होगा. मुझे नहीं लगता है हमारे लोगों को कोई समस्या होगी. हां, हमने जो गलतियां की हमें उन्हें रोकना होगा. लेकिन अगर टीम में डर की स्थिति पैदा की गई जो चीजों को सुलझाना मुश्किल हो जाएगा.'

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