महिला वर्ल्ड कप के दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में भारत और ऑस्ट्रेलिया की टीमें आमने-सामने होंगी. दोनों ही टीमें फाइनल में पहुंचने के लिए जोर लगाएंगी. पहले सेमीफाइनल में इंग्लैड ने साउथ अफ्रीका को हराकर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है. गुरुवार को होने वाले इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया का पलड़ा भारी माना जा रहा है.
छह बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाले महिला विश्व कप के सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय महिला क्रिकेट टीम इतिहास रच सकती हैं. भले ही आंकड़ों के लिहाज से ऑस्ट्रेलिया का पलड़ा भारी है. लेकिन इस बार पहले मैच में इंग्लैंड और पिछले मैच में न्यूजीलैंड पर उलटफेर करने के बाद भारतीय टीम के हौसले सातवें आसामान पर हैं.
भारतीय ने साल 2009 में वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया को शिकस्त दी थी. ऐसे में एक बार फिर से मिताली एंड कंपनी को पूरी ताकत के साथ ऑस्ट्रेलियाई खेमें में खलबली मचानी होगी. टीम इंडिया के पास ऐसे कई खिलाड़ी हैं जो ऑस्ट्रेलिया के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं. महाराष्ट्र के सांगली की रहने वाली स्मृति मंधाना भारत की पहली ट्रंप कार्ड हैं. अगर टीम को लॉर्डस में फाइनल खेलना है तो इसके लिए उन्हें पिछले कुछ मैचों की अपनी फॉर्म से सबक सीखते हुए कम से कम पहले सात ओवर विकेट पर टिकना होगा, क्योंकि इतने ओवर टिकने के बाद उन्होंने बड़े-बड़े स्कोर बनाए हैं. पिछले साल हॉबर्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शतक भी इसका एक उदाहरण है.
भारत के टॉप ऑर्डर बल्लेबाजों को संभलकर खेलना होगा
इस मुकाबले में भारतीय टॉप ऑर्डर को संभलकर बल्लेबाजी करनी होगी. मंधाना, पूनम राउत, मिताली राज, हरमनप्रीत और दीप्ति शर्मा को विकेट बचाने के साथ ही रन गति को भी बनाए रखना होगा. पिछले मैच में वेदा कृष्णामूर्ति ने अंत में अच्छी आक्रामक बल्लेबाजी करके भारत की सेमीफाइनल में पहुंचाने की राह तैयार की थी. वहीं मिताली ने अपने करियर के आखिरी एक हजार रन पिछले पांच हजार रनों की तुलना में सबसे तेज बनाए हैं.
भारत को ऑस्ट्रेलिया जैसी टीम के खिलाफ टॉस जीतने की स्थिति में पहले बल्लेबाजी करते हुए 280 के लगभग रन बनाने होंगे. इससे कम स्कोर का शिकार करना कंगारू महिलाएं अच्छे से जानती हैं. भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की धार एकता बिष्ट हैं. उनकी जगह शामिल राजेश्वरी गायकवाड़ भी पिछले मैच में कारगर रही थीं. कोच तुषार अरोठे रनों पर अंकुश लगाने के लिए लेग स्पिनर पूनम यादव के साथ बाएं हाथ की इन दोनों स्पिनरों को एक साथ उतार सकते हैं. ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी क्रम में बाएं हाथ की तीन खिलाड़ियों को ध्यान में रखते हुए टीम में दीप्ति शर्मा और हरमनप्रीत कौर के रूप में दो ऑफ स्पिनर हैं. विकेट के पीछे सुषमा वर्मा को पहले सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ इंग्लैंड की विकेटकीपर सारा टेलर से सबक सीखने की जरूरत है. उनकी तेजतर्रार स्टम्पिंग से तृषा चेट्टी का स्टंप होना मैच का बड़ा अंतर साबित हुआ था.
काउंटी ग्राउंड, भारत के लिए इस विश्व कप में अभी तक अच्छा साबित हुआ है. यहां भारत ने शुरूआती मैचों के बाद न्यूजीलैंड को 186 रन से हराकर किवी टीम के बढ़ते कदमों पर लगाम लगा दी थी. यह उस भारतीय टीम की शानदार वापसी की जो पिछले विश्व कप में सातवें स्थान पर रही थी. दूसरा सेमीफाइनल मैच इससे एकदम अलग होगा. इस बार वह ऑस्ट्रेलियाई टीम सामने होगी जो इस विश्व कप में सात में से एक ही मैच हारी है. वहीं भारतीय टीम को सात में से दो मैचों में हार का सामना करना पड़ा है. ऑस्ट्रेलिया को इंग्लैंड से जबकि भारत को ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका से लगातार दो मैचों में हार का सामना करना पड़ा है.