टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली को चुनौती पसंद है और यही वजह है कि वह आईसीसी चैंपियन्स ट्राफी में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ कल होने वाला क्वार्टर फाइनल जैसा मैच खेलने के लिए उत्सुक हैं. कोहली से जब पूछा गया कि क्या यह उनकी कप्तानी करियर की सबसे बड़ी परीक्षा है, तो उन्होंने मुस्कराते हुए जवाब दिया, क्या पाकिस्तान के खिलाफ पहला मैच सबसे बड़ा नहीं था.
चुनौती जितनी कड़ी हो उतनी बेहतर होती है
कोहली ने कहा, मेरे कहने का मतलब है कि आप लोग ही कह रहे थे पहला मैच बहुत बड़ा है. पाकिस्तान के खिलाफ मैच मेरे करियर का सबसे बड़ा मैच है. मेरे लिए हर मैच एक जैसा है. आप कुछ में जीत हासिल करते हो तो कुछ में आपको हार मिलती है. मैं नहीं मानता कि पाकिस्तान के खिलाफ मैच मेरे कप्तानी करियर का सबसे बड़ा मैच था और ना ही यह मैच है. व्यक्तिगत तौर पर उनका मानना है कि चुनौती जितनी कड़ी हो उतनी बेहतर होती है.
खिलाड़ी के तौर पर आप नॉकऑउट जैसे मैच का हिस्सा बनना चाहते हो
कोहली ने कहा, क्रिकेटर के रूप में निजी तौर पर मुझे इस तरह के मैच पसंद हैं. आप इस तरह की मैचों का हिस्सा बनना चाहते हैं जो क्वाटर फ़ाइनल मैच की तरह महत्वपूर्ण होते हैं और अगर आप इसमें अच्छा प्रदर्शन करते हैं और आपकी टीम जीत हासिल करती है तो फिर वह एक अलग तरह का अहसास होता है. इससे क्रिकेटर के रूप में आप में सुधार होता है. उन्होंने कहा, हर कोई इस तरह के मैच का हिस्सा बनना चाहता है और प्रत्येक काफी उत्सुक है.
जब कोई लीग मैच नॉकऑउट मैच बन जाता है तो इसमें क्या अंतर होता है, इस पर कोहली ने कहा, मुझे लगता है कि आपके पास प्रतिस्पर्धी होने के साथ साथ जुनूनी होने का अच्छा संतुलन होना चाहिए लेकिन इसके साथ ही बहुत अधिक उत्साही होने से भी बचना होगा.
प्लेइंग इलेवन में कर सकते हैं बदलाव
यह लगभग तय है कि रविचंद्रन अश्विन कल के मैच में खेलेंगे लेकिन कोहली ने अपने पत्ते नहीं खोले. उन्होंने कहा, हां हर तरह की संभावना है. हमने निश्चित तौर पर पिछले मैच के प्रदर्शन को देखा है और जानते हैं कि हम कहां थोड़ा बहुत बदलाव कर सकते हैं. हम पहले ही इन चीजों पर चर्चा कर चुके हैं और हां मैं कुछ भी खुलासा नहीं करने जा रहा हूं लेकिन कुछ भी संभव है. कल हम किसी भी तरह के संयोजन के साथ उतर सकते हैं.