टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने दुनिया के हर कोने में मौजूद भारतीयों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी हैं. उन्होंने बधाई संदेश के जरिए बताया है कि 15 अगस्त का दिन उनके लिए बेहद खास है. दरअसल, इसी दिन उनके पिता का बर्थडे भी है. इससे पहले टीम इंडिया ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कैंडी में झंडा फहराया और राष्ट्रगान गाया. इस मौके पर कप्तान विराट कोहली ने झंडोत्तोलन किया. इस दौरान टीम के हेड कोच रवि शास्त्री सहित भारतीय टीम के सारे खिलाड़ी और सपोर्टिंग स्टाफ मौजूद रहे.
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विराट ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर किया है. जिसमें उन्होंने लिखा है कि यह दिन मेरे लिए इस वजह से भी बहुत खास है, क्योंकि यह मेरे पिता का बर्थ डे है. उन्होंने वीडियो शेयर कर इस खास दिन को याद किया, जब दिल्ली में बीते बचपन के दिनों में इस दिन वे अपने दोस्तों और परिवार के साथ पंतगबाजी को एंजॉय करते थे. दूर-दूर तक भारतीय तिरंगे लहरता देख उन्हें बहुत अच्छा लगता था.
विराट का यह कदम किसी मिसाल से कम नहीं
विराट कोहली के पिता प्रेम कोहली की ख्वाहिश थी कि उनका बेटा एक दिन टीम इंडिया के लिए खेले. हालांकि वे अपने बेटे को टीम इंडिया की जर्सी में नहीं देख पाए. विराट महज 18 साल के थे तभी उनके पिता का निधन हो गया था. पिता की मौत के दिन विराट कोहली ने उनकी इच्छा पूरी करने के लिए ऐसा कदम उठाया था, जो किसी मिसाल से कम नहीं है. 2006 में फिरोज शाह कोटला में दिल्ली और कर्नाटक के बीच रणजी ट्रॉफी का मैच चल रहा था. दूसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद विराट होटल के कमरे में सो रहे थे, तभी रात तीन बजे घर से कॉल आया कि कि ब्रेन स्टोक के चलते उनके पिता का निधन हो गया है.

उस वक्त ऑस्ट्रेलिया में मौजूद उनके कोच राजकुमार शर्मा ने विराट को समझाया कि पिता चाहते थे कि वे टीम इंडिया के लिए खेलें. ऐसे में रणजी मैच की यह पारी उनके करियर के लिए बेहद जरूरी है. पिता की इच्छा का ख्याल रखते हुए आप मैच में बैटिंग करने जाएं. विराट ने भी मजबूत इरादा दिखाते हुए मैदान में उतरे और 90 रनों की पारी खेलकर टीम को फॉलोऑन से बचा लिया. इसके बाद विराट घर गए और पिता का अंतिम संस्कार किया.