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छींटाकशी पर गावस्कर बोले- टिम पेन का व्यवहार कप्तान जैसा नहीं, उन्हें हटा देना चाहिए

इंडिया टुडे से खास बातचीत में सुनील गावस्कर ने कहा कि इंजरी के बाद रविचंद्रन अश्विन और हनुमा विहार क्रीज पर डटे थे. दोनों खिलाड़ी मैच को ड्रॉ की ले जा रहे थे. वहीं, दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलियाई कप्तान छींटाकशी पर आमादा थे.

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर (फाइल फोटो) टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • इंडिया टुडे से खास बातचीत में बोले गावस्कर
  • कहा- ऑस्ट्रेलियाई कप्तान छींटाकशी पर आमादा थे
  • भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच सिडनी टेस्ट ड्रॉ रहा

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने सिडनी टेस्ट के दौरान ऑस्ट्रेलियाई कप्तान टिम पेन के बर्ताव की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि कप्तान के तौर पर टिम पेन का व्यवहार ठीक नहीं था और सीरीज के बाद उन्हें कप्तानी से हटा देना चाहिए.

इंडिया टुडे से खास बातचीत में सुनील गावस्कर ने कहा कि इंजरी के बाद रविचंद्रन अश्विन और हनुमा विहार क्रीज पर डटे थे. दोनों खिलाड़ी मैच को ड्रॉ की ओर ले जा रहे थे. वहीं, दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलियाई कप्तान छींटाकशी पर आमादा थे. उन्होंने कहा कि अश्विन को उकसाने की जगह टिम पेन को अपने कैच पर ध्यान देना चाहिए और बात करने की बजाय बेहतर तरीके से आगे बढ़ना चाहिए. 

गावस्कर ने कहा कि मैं ऑस्ट्रेलियाई चयनकर्ता नहीं हूं, लेकिन कप्तान के रूप में उनके पास गिनती के दिन बचे हैं. टिम पेन अपने क्षेत्ररक्षकों और गेंदबाजी में बदलाव करने के बजाय बल्लेबाज से बात करने में अधिक दिलचस्पी दिखा रहे थे. सीरीज खत्म होने के बाद अगर ऑस्ट्रेलियाई कप्तानी में कोई बदलाव होता है तो मुझे आश्चर्य नहीं होगा.

गावस्कर ने कहा कि पेन ने इस मैच में तीन कैच छोड़े. विहारी से पहले उन्होंने ऋषभ पंत को दो बार जीवन दान दिया. पेन ने आखिरी सत्र में हताशा में अश्विन पर छींटाकशी की, लेकिन इससे वह अपना ही ध्यान भटका बैठे और विहारी का भी कैच छोड़ दिया. गावस्कर ने आगे कहा कि इस तरह की बकवास के साथ मेजबान को परेशान करने की कोई जरूरत नहीं थी. खेल प्रशंसकों ने भी ऑस्ट्रेलियाई कप्तान को लताड़ा है. 

विहारी-अश्विन की अटूट साझेदारी

बता दें कि ऑस्ट्रेलिया के 407 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया को रोहित शर्मा (52) ने बेहतरीन शुरुआत दी और इसके बाद ऋषभ पंत और चेतेश्वर पुजारा ने भारत की जीत की उम्मीदें जगा दी. पुजारा और ऋषभ पंत ने मिलकर 148 रनों की पार्टनरशिप की थी, लेकिन ऋषभ पंत महज तीन रन से अपने तीसरे टेस्ट शतक से चूक गए, जबकि पुजारा 77 रन बनाकर हेजलवुड की गेंद पर बोल्ड हो गए.

इसके बाद रविचंद्रन अश्विन और हनुमा विहारी ने मिलकर मैच ड्रॉ करा दिया. हनुमा और अश्विन ने 256 गेंदों पर 62 रनों की अटूट साझेदारी की. इस साझेदारी को तोड़ पाने में कंगारू गेंदबाज आखिरी तक कामयाब नहीं हो पाए.

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