भारत को कड़ी मशक्कत के बाद आज ही के दिन (24 अगस्त, ओवल टेस्ट) 1971 में इंग्लैंड पर पहली टेस्ट जीत मिली थी. इस जीत के साथ ही भारतीय टीम इंग्लैंड की धरती पर पहली सीरीज जीत हासिल करने में कामयाब रही. इससे पहले तक भारत ने इंग्लैंड में 21 टेस्ट खेले थे, जिनमें से उसे 15 में हार मिली थी और 6 मैच ड्रॉ रहे थे.
अजीत वाडेकर की कप्तानी में मिली ऐतिहासिक जीत
भारत को यह ऐतिहासिक जीत अजीत वाडेकर की कप्तानी में मिली थी. ये वही अजीत वाडेकर हैं, जिन्हें जनवरी 1971 में मंसूर अली खान पटौदी की जगह टीम की कमान सौंपी गई थी. वाडेकर के ही नेतृत्व में भारत ने उसी साल अप्रैल में कैरेबियाई धरती पर पहली बार सीरीज जीती थी. तब 5 टेस्ट मैचों की सीरीज में भारत ने वस्टइंडीज पर 1-0 से यादगार जीत हासिल की थी.
भारत ने इंग्लैंड में तीन टेस्ट मैचों की सीरीज 1-0 से जीती
इसके बाद भारत ने तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए इंग्लैंड का दौरा किया था. उस दौरान टीम में नवोदित सुनील गावस्कर के अलावा गुंडप्पा विश्वनाथ और दिलीप सरदेसाई जैसे बल्लेबाज थे. लेकिन इस दौरे में भारत की स्पिन तिकड़ी में शामिल बिशन सिंह बेदी, भगवत चंद्रशेखर और एस. वेंकटराघवन हीरो बनकर उभरे थे.
शुरुआती दोनों टेस्ट ड्रॉ रहे थे
- सीरीज का लॉर्ड्स टेस्ट ड्रॉ रहा, जबकि ओल्ड ट्रैफोर्ड टेस्ट में भारत पर बारिश की मेहरबानी रही. दरअसल, उस टेस्ट के चौथे दिन 420 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने 65 रन पर 3 विकेट गंवा दिए थे, तभी बारिश आ गई और आगे खेल नहीं हो पाया.
-सीरीज के 0-0 से बराबर रहते आखिरी टेस्ट के लिए भारतीय टीम ओवल पहुंची. इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 355 रन बनाए. भारतीय टीम 284 रनों पर सिमट गई, जिससे मेजबान टीम को 71 रनों की बढ़त मिल गई. इसके बाद चंद्रशेखर की ऐसी फिरकी चली कि इंग्लैंड की दूसरी पारी 101 रन पर सिमट गई. चंद्रा ने 38 रन देकर 6 विकेट झटके. और इसके बाद भारत ने 6 विकेट खोकर 173 रनों का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल कर लिया. इसके साथ ही भारत ने वह ओवल टेस्ट 4 विकेट से जीतकर इतिहास रच दिया.