Team India Captaincy: भारतीय क्रिकेट इस वक्त चुनौतियों के बीच खड़ा हुआ है. टीम इंडिया सबसे कठिन दौरे पर साउथ अफ्रीका पहुंची है, जहां आजतक भारतीय टीम कोई टेस्ट सीरीज़ नहीं जीत पाई है. लेकिन दौरा शुरू होने से पहले ही टीम इंडिया में बवंडर पैदा हो गया. विराट कोहली को जिस तरह वनडे की कप्तानी से हटाया गया, उसने विकट स्थिति पैदा कर दी.
साउथ अफ्रीका रवाना होने से पहले विराट कोहली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसने बातों को और भी बढ़ा दिया. लेकिन एक अलग चीज़ ये भी हुई कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोच राहुल द्रविड़ उनके साथ नहीं थे.
कोहली संग PC में नहीं आए द्रविड़
कोई भी विदेशी दौरा, द्विपक्षीय सीरीज़ या आईसीसी इवेंट शुरू होता है तब अक्सर ऐसा होता है कि टीम का कप्तान, मुख्य कोच साथ में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हैं. जहां टीम की रणनीति, दौरे की चुनौतियों और अन्य मसलों पर सवाल-जवाब होते हैं. हालांकि, ऐसा कोई नियम नहीं है लेकिन ये होता आया है.
साउथ अफ्रीका रवाना होने से पहले जब टीम इंडिया की प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई, तब सिर्फ विराट कोहली सामने आए. कोच राहुल द्रविड़ उनके साथ सामने नहीं आए, ऐसे में इसपर कई तरह के सवाल खड़े हुए. क्योंकि राहुल द्रविड़ का बतौर टीम इंडिया के हेड कोच यह पहला विदेशी दौरा है. ऐसे में हर किसी को उम्मीद थी कि वह लोगों से बात करेंगे.
न्यूजीलैंड सीरीज से पहले हुई थी PC
हाल ही में खत्म हुई न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज शुरू होने से पहले भी राहुल द्रविड़ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. तब कप्तान रोहित शर्मा उनके साथ थे, इसके बाद भी सीरीज खत्म होने के बाद राहुल मीडिया से मुखातिब हुए थे.
🎥 Head Coach Rahul Dravid rekindles his first meeting with a young & lauds the T20I captain for his contribution towards the Indian cricket. 👏 ☺️
— BCCI (@BCCI)
लेकिन जिस बीच ये प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई, वो टाइमिंग पूरी तरह से अलग थी. क्योंकि ये पहली बार था जब कप्तानी से हटाए जाने, टी-20 वर्ल्डकप में हार के बाद विराट कोहली प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे. यही कारण रहा कि विराट कोहली जब पीसी में आए तो साउथ अफ्रीका में होने वाली चुनौतियों से ज्यादा उनसे कप्तानी और विवाद से जुड़े सवाल ही हुए.
द्रविड़ को लेकर फैंस ने जताई चिंता
क्रिकेट कमेंटेटर हर्षा भोगले ने भी इस पूरे एपिसोड पर अपनी बात की और राहुल द्रविड़ के मौजूदा परिस्थिति में फंसे होने की बात कही. हर्षा भोगले ने ट्वीट किया कि ये विवाद वहां तक पहुंचना ही नहीं चाहिए था, जहां दो व्यक्तियों के बीच बयानबाजी हो रही है. वो भी तब जब दोनों ही भारतीय क्रिकेट के बड़े स्टार हैं. लेकिन दोनों तरफ से बातचीत होने से विवाद के सुलझने में आसानी मिल सकती है. लेकिन राहुल द्रविड़ इस वक्त मुश्किल स्थिति में हैं और साउथ अफ्रीका दौरे में उनकी परीक्षा होगी. क्योंकि जीत के लिए वो चाहेंगे कि उनका कप्तान और सबसे बेहतरीन बल्लेबाज पॉजिटिव मोड में ही रहे.
राहुल द्रविड़ लंबे वक्त से भारतीय क्रिकेट में अलग-अलग रोल निभा रहे हैं. हर कोई जानता है कि राहुल द्रविड़ विवादों से दूर ही रहते हैं और अपना काम चुपचाप करने में विश्वास करते हैं.
राहुल द्रविड़ अभी भी उसी अंदाज में दिख रहे हैं. ऐसे में टीम प्रबंधन से जुड़ी इस बहस में राहुल द्रविड़ अभी तक चुप ही हैं. हालांकि, क्योंकि वह इस वक्त ऐसे पद पर हैं जहां उनका ओपिनियन सबसे ज्यादा मैटर करता है तब फैंस लगातार यही अपील कर रहे हैं कि कोच इस मसले पर कब बोलेंगे.