भारतीय टीम और साउथ अफ्रीका के बीच जोहानिसबर्ग टेस्ट में एक अंपायर ने अपने इंटरनेशनल करियर का डेब्यू किया. यह अफ्रीकी अंपायर अलाउद्दीन पालेकर हैं. भले ही वे साउथ अफ्रीका में रहते हैं, लेकिन उनका भारत से गहरा कनेक्शन है. दरअसल, वे भारतीय मूल के ही नागरिक हैं. उनके पिता महाराष्ट्र के रत्नागिरी में रहते थे.
अलाउद्दीन की जड़ें रत्नागिरी के खेद तहसील के शिव गांव से जुड़ी हुई हैं. शिव गांव के सरपंच दुर्वेश पालेकर ने पीटीआई को अलाउद्दीन से जुड़े तमाम किस्से शेयर किए.
अलाउद्दीन के पिता अफ्रीका में बस गए थे
सरपंच ने कहा कि मैं भी पालेकर हूं. उनकी (अलाउद्दीन) की जड़ें इसी गांव में आती हैं. उनके पिता नौकरी की तलाश में काफी समय पहले ही साउथ अफ्रीका चले गए थे और फिर वहीं बस गए. अलाउद्दीन का जन्म साउथ अफ्रीका में ही हुआ है, लेकिन उनका असली गांव शिव ही है. पूरा गांव और पंचायत उन पर गर्व करती है. उन्होंने अपना और गांव का नाम इंटरनेशनल लेवल पर रोशन किया है.
रणजी में भी अलाउद्दीन ने अंपायरिंग की
इतना ही नहीं, अलाउद्दीन ने भारत में रणजी लेवल पर भी अंपायरिंग की है. उन्होंने 2014-15 सीजन में मुंबई और मध्यप्रदेश के बीच खेले गए मैच में अंपायरिंग की थी. यह मैच मुंबई के ही वानखेड़े स्टेडियम में खेला गया था. उनके साथ कृष्णणामाचारी श्रीनिवासन ने भी अंपायरिंग की थी. मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के सीनियर अंपायर ने बताया कि अलाउद्दीन ने अंपायर एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत रणजी में अंपायरिंग की थी.
सूर्यकुमार और अय्यर ने जमाया था शतक
मुंबई और मध्यप्रदेश के बीच यह रणजी मैच ड्रॉ रहा था. इस रणजी मैच में सूर्यकुमार यादव ने 135 और श्रेयस अय्यर ने नाबाद 142 रन की पारी खेली थी, जिसके गवाह खुद अलाउद्दीन बने थे. अलाउद्दीन एक पूर्व फर्स्ट क्लास प्लेयर रह चुके हैं. उनके पिता जमालुद्दीन भी एक अंपायर रह चुके हैं.