प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम के दौरान बच्चों से परीक्षा को लेकर सीधा संवाद किया. इस कार्यक्रम में छात्रों ने परीक्षा को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपने सवाल पूछे.
एक छात्र ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा, 'बोर्ड पेपर की वजह से मूड ऑफ हो जाता है, तो हम किस तरह अपने आपको उत्साहित करें?' इस बारे में चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2001 में भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच कोलकाता में हुए ऐतिहासिक टेस्ट मैच का उदाहरण दिया, जब भारतीय टीम ने फॉलोऑन खेलकर भी कंगारुओं को शिकस्त दे दी.
पीएम मोदी ने बताया कि 2001 में भारत-ऑस्ट्रेलिया का मैच हो रहा था और भारत को फॉलोऑन खेलने के लिए मिला. दूसरी पारी में इस दौरान भारत के विकेट भी जाने लगे तो माहौल बिगड़ गया था, लेकिन राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण ने कमाल कर दिया.
Do you remember the India-Australia test series in 2001?
Our cricket team was facing setbacks. The mood was not very good.
But, in those moments can we ever forget what Rahul Dravid and @VVSLaxman281 did. They turned the match around: PM @narendramodi #ParikshaPeCharcha2020
— PMO India (@PMOIndia) January 20, 2020
पीएम मोदी ने बताया कि द्रविड़ और लक्ष्मण ने पिच पर कमाल किया और पूरे खेल को खींचा. पूरी परिस्थिति पलट दी और मैच को भी जिता दिया. इतना ही नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनिल कुंबले की बहादुरी का उदाहरण दिया कि 2002 में टीम इंडिया वेस्टइंडीज खेलने गई थी तो अनिल कुंबले को चोट लगी और उन्होंने पट्टी बांधी फिर खेले. तब उसके बाद कुंबले ने पूरा माहौल पलट दिया.
Similarly, who can forget @anilkumble1074 bowling with an injury. This is the power of motivation and positive thinking: PM @narendramodi #ParikshaPeCharcha2020
— PMO India (@PMOIndia) January 20, 2020
बता दें कि वेस्टइंडीज के खिलाफ 2002 के एंटिगा टेस्ट में अनिल कुंबले ने वो किया, जो उस वक्त शायद और कोई नहीं कर पाता. उस टेस्ट में कुंबले के जबड़े में चोट लग गई थी. लेकिन फिर भी वे पट्टी बांधकर गेंदबाजी करने उतरे. उन्होंने 14 ओवर डाले, जिसमें उन्होंने ब्रायन लारा को एलबीडब्ल्यू आउट कर विकेट भी लिया.