बेंगलुरु में भारतीय टीम भारत में अपना तीसरा डे-नाइट टेस्ट मुकाबला खेलने के लिए उतरेगी. पहली बार नए कप्तान रोहित शर्मा के नेतृत्व में टीम इंडिया पिंक-बॉल टेस्ट खेलने के लिए उतरेगी. इससे पहले दो बार भारतीय टीम विराट कोहली की कप्तानी में पिंक-बॉल टेस्ट खेलने के लिए उतरी थी जिसमें उसे जीत हासिल हुई थी. यह टेस्ट विराट कोहली के लिए भी काफी अहम होने वाला है. लंबे समय से विराट का बल्ला खामोश है और लोगों को उम्मीद है कि वह अपना 71वां शतक बेंगलुरु में ही पूरा करें.
विराट को 43 रनों की जरूरत
पूर्व कप्तान विराट कोहली के लिए यह टेस्ट अहम है, 71वे शतक से कहीं दूर विराट कोहली को इस टेस्ट में अपने 50 की औसत को बरकरार रखने के लिए सिर्फ 43 रनों की जरूरत है. विराट कोहली के लगभग आधे टेस्ट करियर में पहली बार उनके सामने यह खतरा मंडराने लगा है. विराट कोहली ने अभी तक 100 टेस्ट मुकाबलों की 169 पारियों में 50.35 की औसत से 8007 रन बनाए हैं. जून 2011 में अपने टेस्ट करियर की शुरुआत करने वाले विराट क्रिकेट के हर फॉर्मेट में बल्लेबाजी से अपनी बादशाहत साबित कर चुके हैं.
मोहाली टेस्ट में 45 रन बनाकर आउट होने वाले विराट से बेंगलुरु में 50 की औसत बरकरार रखने के लिए 43 रनों की जरूरत रहेगी. अगर वह इससे कम स्कोर करते हैं तो पिछले 49 टेस्ट में पहली बार उनका एवरेज 50 से नीचे गिर जाएगा. विराट बल्ले से पिछले कुछ समय से काफी शांत नजर आए हैं. विराट ने 2020 की शुरुआत से मोहाली टस्ट तक 16 टेस्ट मुकाबलों में 28 की औसत से सिर्फ 805 रन बनाए हैं. इस बीच विराट के नाम 28 पारियों में सिर्फ 6 हाफ सेंचुरी हैं जिन्हें वह शतक में तब्दील नहीं कर पाए.
2019 खत्म होने तक विराट का टेस्ट बल्लेबाजी औसत 54.97 का था जो लगातार घटकर अब 50 की बॉर्डर लाइन पर पहुंच गया है. विराट कोहली टेस्ट के साथ वनडे क्रिकेट में शतक लगाने में नाकाम रहे हैं. श्रीलंका के खिलाफ बेंगलुरु में होने वाला पिंक बॉल टेस्ट उनके लिए एक चुनौती से कम साबित नहीं होगा. अहमदाबाद में खेले पिछले पिंक बॉल टेस्ट में सिर्फ 2 दिनों में ही नतीजा सामने आ गया था. दो दिनों में ही दोनों टीमों के 30 विकेट गिर गए थे. विराट ने बांग्लादेश के खिलाफ शतक जड़ा था.