दिल्ली हाई कोर्ट ने टीम इंडिया के दिग्गज तेज गेंदबाज आशीष नेहरा के उस आग्रह को स्वीकृति दे दी जिसमें उन्होंने एक नवंबर को दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान पर अपने अंतिम टी-20 मैच के दौरान अपने परिवार और मित्रों के लिए कॉर्पोरेट बॉक्स की मांग की थी.
न्यायमूर्ति एस रविंद्र भट और न्यायमूर्ती संजीव सचदेवा की पीठ ने हालांकि इस आग्रह को लेकर आशंका जताई लेकिन बाद में नेहरा को राहत दे दी. नेहरा की ओर से दिल्ली और डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (DDCA) के अदालत द्वारा नियुक्त प्रशासक उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश विक्रमजीत सेन ने यह आग्रह किया था.
अदालत ने कहा कि एक बार उठाए जाने वाले कदम के तौर पर वे इस आग्रह को स्वीकार कर रहे हैं क्योंकि नेहरा एक नवंबर को अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का अंत कर रहे हैं जब भारत और न्यूजीलैंड टी-20 मुकाबले में आमने सामने होंगे.
अदालत ने साथ ही प्रशासक सेन के इस आवेदन को भी स्वीकृति दे दी जिसमें उन्होंने क्रिकेट संस्थान के कर्मचारियों, स्टाफ, चयनकर्ताओं, कोचों, मैच में कमेंटरी करने वालों और साथ ही इससे जुड़े खिलाड़ियों में से प्रत्येक को दो-दो मुफ्त पास जारी करने की मांग की थी जो कुल 308 होते हैं.
अदालत ने मुफ्त पास जारी करने की स्वीकृति दी क्योंकि डीडीसीए में कोई चुनी हुई इकाई नहीं है और प्रशासक का आग्रह तर्कसंगत था. ये पास एक नवंबर को भारत-न्यूजीलैंड टी-20 मैच के अलावा दो से छह दिसंबर तक भारत-श्रीलंका टेस्ट मैच के लिए जारी करने की मांग की गई थी.
फिरोजशाह कोटला पर मैचों के आयोजन के लिए दक्षिण दिल्ली नगर निगम को कब्जा प्रमाण पत्र जारी कराने का निर्देश देने की मांग को लेकर डीडीसीए की याचिका की सुनवाई के दौरान यह याचिक दी गई.