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Ind vs AUs: ऑस्ट्रेलिया पर अकेले भारी पड़ते हैं धोनी, विकेट के आगे-पीछे दमदार रिकॉर्ड

वर्ल्ड कप में अब एक बार फिर स्पिन में चहल और कुलदीप और विकेट के पीछे धोनी की तिकड़ी आ चुकी है. इसका नतीजा हमें दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच में देखने को मिला.

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महेंंद्र सिंह धोनी (फाइल फोटो)
महेंंद्र सिंह धोनी (फाइल फोटो)

ओवल में रविवार को जब आईसीसी वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया और भारत की टीम का आमना-सामना होगा तो सभी की नजर महेंद्र सिंह धोनी पर होगी. स्टेडियम में मौजूद कैमरे टीम इंडिया के पूर्व कप्तान धोनी के ग्लव्स पर फोकस कर रहे होंगे. क्रिकेट एक्सपर्ट उनकी शारीरिक भाषा पढ़ रहे होंगे. लेकिन धोनी अपनी धुन में मगन होंगे. क्योंकि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ धोनी का हालिया प्रदर्शन बेहतरीन रहा है और वो चाहेंगे कि इसे बनाए रखें.

2018 से अब तक उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 92 की औसत से रन बनाए हैं. धोनी के प्रदर्शन का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि 6 पारियों में ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज सिर्फ 3 बार ही उनको आउट करने में सफल रहे.

सिर्फ बल्लेबाजी ही नहीं विकेट के पीछे धोनी की फुर्ती किसी से छिपी नहीं है. विकेट के पीछे से धोनी का स्पिन गेंदबाजों को सलाह देना भी दिखाता है कि टीम इंडिया में इस खिलाड़ी की कितनी अहमियत है.

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ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐसा रहा प्रदर्शन

ऑस्ट्रेलियाई टीम की बात करें तो उनका हालिया फॉर्म शानदार रहा है. वर्ल्ड कप में उसका अब तक का सफर भी अच्छा रहा है. इस साल भारत में खेली गई वनडे सीरीज के आखिरी दो मैच में ऑस्ट्रेलियाई कप्तान एरॉन फिंच ने देखा कि धोनी कैसे टीम इंडिया की किस्मत बदल सकते हैं.

जनवरी में ऑस्ट्रेलिया में खेली गई वनडे सीरीज में धोनी मैन ऑफ द सीरीज रहे थे. उन्होंने इस दौरान तीन लगातार अर्धशतक जड़े थे. धोनी ने 51 रन, 55 रन और 87 रन की पारी खेली थी.

विकेट के पीछे किया कमाल

मार्च में आखिरी बार दोनों टीमें पांच मैचों की सीरीज में भिड़ी थीं. धोनी को मोहाली में खेले गए चौथे वनडे में आराम दिया गया था. इस मैच में धोनी की कमी टीम इंडिया को महसूस हुई थी. धोनी की जगह कीपिंग किए रिषभ पंत ने इस मैच में कई मौके छोड़े. जिसके कारण भारत को ये मैच हारना पड़ा था.

इस मैच में एस्टन टर्नर ने 3 गेंदों में 84 रन की नाबाद पारी खेली थी. हालांकि टर्नर को इस दौरान जीवनदान भी मिला था. ये जीवनदान पंत ने ही दिया था.

भारत के अगर हाल के प्रदर्शन को देखें तो स्पिनर यजुवेंद्र चहल और कुलदीप यादव का बड़ा रोल रहा है. चहल और कुलदीप अगर सफल रहे हैं तो इसका श्रेय धोनी को भी जाता है. धोनी अगर टीम में न हों तो इसका असर चहल और कुलदीप पर भी पड़ता है.

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मोहाली के मैच में चहल ने 10 ओवर में 80 रन दिए थे तो कुलदीप 10 ओवर में 64 रन लुटाए थे. इससे पहले जिस दो मैच में धोनी खेले थे तो इन दोनों गेंदबाजों का प्रदर्शन भी अच्छा रहा था. दोनों ने मिलकर 5 विकेट चटकाए थे.

वर्ल्ड कप में अब एक बार फिर स्पिन में चहल और कुलदीप और विकेट के पीछे धोनी की तिकड़ी आ चुकी है. इसका नतीजा हमें दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच में देखने को मिला.

चहल ने इस मैच में 4 और कुलदीप ने 1 विकेट लिया. इससे पहले वर्ल्ड कप के अभ्यास मैच में धोनी शतक जड़कर ये बता चुके हैं कि वह इस बार इस टूर्नामेंट में कुछ बड़ा करने के इरादे से आए हैं. उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच में 34 रन की उपयोगी पारी भी खेली.

धोनी को जो लोग वर्षों से देख रहे हैं उन्हें पता है कि ये खिलाड़ी दबाव का कैसे सामना करता है. उनके खेल पर इसका कोई असर नहीं पड़ता. और उम्मीद की जा रही है ग्लव्स विवाद का भी धोनी के प्रदर्शन पर कोई असर नहीं पड़ेगा और टीम इंडिया को विजयी बनाने में वो एक अहम भूमिका निभाएंगे.

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