आईसीसी के मुख्य कार्यकारी डेविड रिचर्डसन का मानना है कि क्रिकेट को विराट कोहली और बेन स्टोक्स जैसे महानायकों की जरूरत है...लेकिन उसे महेंद्र सिंह धोनी और राहुल द्रविड़ की भी जरूरत है, ताकि ‘लकीर के सही तरफ’ रहा जा सके.
एमसीसी-2018 काउड्रे लेक्चर में रिचर्डसन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बढ़ रही छींटाकशी और धोखेबाजी पर चिंता जताते हुए खिलाड़ियों और कोचों से इसे रोकने के लिए अधिक प्रयास का अनुरोध किया.
🗣 "Nelson Mandela was right when he said sport has the power to change the world" chief-executive David Richardson on how the can inspire communities around the globe.
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— Lord's Cricket Ground (@HomeOfCricket)
रिचर्डसन ने लेक्चर में कहा,‘मैदान पर क्रिकेट को महानायकों की जरूरत है. कॉलिन मिलबर्न्स, फ्रेडी फ्लिंटॉफ, शेन वॉर्न, विराट कोहली या बेन स्टोक्स जैसे, लेकिन हमें फ्रैंक वॉरेल, महेंद्र सिंह धोनी, राहुल द्रविड़ जैसों की भी जरूरत है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हम सभी लकीर के सही तरफ रहें.
दक्षिण अफ्रीका के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज ने स्वीकार किया कि आईसीसी के पास सभी चुनौतियों का जवाब नहीं है, लेकिन सभी मिलकर उनसे निपटने के लिये प्रयास कर रहे हैं.
उन्होंने कहा,‘निजी छींटाकशी, आउट होने वाले बल्लेबाजों को फील्डरों द्वारा विदाई देना, अनावश्यक शारीरिक संपर्क, अंपायर के फैसले के खिलाफ खिलाड़ियों का नहीं खेलने की धमकी देना और गेंद से छेड़खानी. यह वह खेल नहीं है, जिसे हम दुनिया के सामने रखना चाहते हैं.’
उन्होंने कहा,‘आज कल कोच या टीम मैनेजर तुरंत खिलाड़ियों का पक्ष लेकर अंपायरों पर पक्षपात का आरोप लगा देते हैं. मैच रेफरी के कमरे तक शिकायत लेकर पहुंच जाते हैं. जीतना हर टीम का लक्ष्य होता है, लेकिन किसी भी कीमत पर नहीं.’