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Happy Birthday Yuvraj Singh: 'मेरी जगह धोनी को कप्तान...', जब टीम से ड्रॉप होने पर छलका युवराज सिंह का दर्द

टीम इंडिया के पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह अपना 41वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे हैं. युवी ने 2007 के टी20 विश्व कप और 2011 वनडे विश्व कप में भारतीय टीम की खिताबी जीत में अहम रोल निभाया. बाएं हाथ के ऑलराउंडर युवराज को वो सम्मानजनक विदाई नहीं मिली जिसके वो हकदार थे. युवी ने जूुन 2019 में इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया था.

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युवराज सिंह (Getty Images)
युवराज सिंह (Getty Images)

टीम इंडिया के पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह आज (12 दिसंबर) 41 साल के हो गए. युवराज सिंह ने अपने दम पर टीम इंडिया को कई मैच जिताए. 2007 के टी20 विश्व कप और 2011 वनडे विश्व कप में उनके योगदान को दुनिया भर के क्रिकेट फैन्स कभी नहीं भूल सकते हैं. बाएं हाथ के इस ऑलराउंडर ने दोनों ही टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन कर टीम इंडिया की खिताबी जीत में अहम योगदान दिया था. इन सबके बावजूद युवराज सिंह को वो सम्मानजनक विदाई नहीं मिली जिसके वो हकदार थे.

युवराज को नहीं मिली सम्मानजनक विदाई

जून 2017 में वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे मुकाबला युवराज सिंह के इंटरनेशनल करियर का आखिरी साबित हुआ था. उसके बाद युवी टीम से ड्रॉप कर दिए गए. दो साल तक चांस नहीं मिलने के बाद 10 जून 2019 को युवी ने इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया था. इतने शानदार रिकॉर्ड होने के बावजूद युवराज सिंह कभी कप्तानी नहीं कर पाए. 2007 के टी20 वर्ल्ड कप में पहले युवराज को कप्तान बनाने की बात हुई थी. लेकिन बाद में धोनी टीम के कप्तान बन गए थे. युवराज इंडिया की कप्तानी नहीं कर पाने और टीम से ड्रॉप होने जैसे मुद्दों को लेकर अपना दर्द बयां कर चुके हैं.

ड्रॉप होने के बारे में सोचा तक नहीं था: युवी

युवराज सिंह ने आजतक को दिए इंटरव्यू में कहा था, 'मैंने कभी नहीं सोचा था कि 8-9 मैचों में से 2 में 'मैन ऑफ द मैच' रहने के बाद मुझे ड्रॉप कर दिया जाएगा. मैं चोटिल हो गया और मुझे बताया गया श्रीलंका सीरीज के लिए तैयार रहें. फिर अचानक यो-यो टेस्ट की तस्वीर सामने आ गई. मेरे चयन में यह यू-टर्न था. 36 साल की उम्र में अचानक मुझे वापस जाना पड़ा और यो-यो टेस्ट की तैयारी करनी पड़ी. इसके बाद भी जब मैंने यो-यो टेस्ट को क्लियर किया, तो बताया गया कि मुझे घरेलू क्रिकेट खेलना है.'

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युवराज ने कहा कि उन्हें (टीम प्रबंधन) ऐसा लगा था कि मैं अपनी उम्र के कारण यो-यो टेस्ट क्लियर नहीं कर पाऊंगा. और इसके बाद मुझे निकालने में उन्हें आसानी होगी. हां, आप कह सकते हैं कि यह एक बहाना था. युवराज सिंह ने यह भी कहा कि खेल के अंतिम दिनों में वरिष्ठ खिलाड़ियों- (वीरेंद्र सहवाग और जहीर खान का नाम लिया) को टीम प्रबंधन द्वारा विश्वास में नहीं लिया गया. हर खिलाड़ी को उसके भविष्य के बारे में बताना चाहिए. मुझे भी नहीं बताया गया. यही चीज भारतीय क्रिकेट में नहीं होती है.

धोनी को बना दिया गया कप्तान: युवी

युवराज सिंह ने कप्तानी के सवाल पर एक इंटरव्यू में कहा था, 'भारत 2007 के वनडे विश्व कप से बाहर हो गया था. उस वक्त भारतीय क्रिकेट में काफी उथल-पुथल मची हुई थी. उसी दौरान हमें इंग्लैंड का दौरा करना था. साउथ अफ्रीका और आयरलैंड के साथ एक महीने का दौरा भी था. इसके अलावे हमें टी20 वर्ल्ड कप भी खेलना था. ऐसे में टीम को 4 महीने तक विदेश में रहना था.'

युवराज ने बताया था, 'टी20 वर्ल्ड कप से पहले टीम के सीनियर खिलाड़ियों ने ब्रेक लेने का सोचा और उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप को गंभीरता से नहीं लिया. मुझे लगा कि सभी सीनियर्स के आराम करने के बाद मैं टी20 वर्ल्ड कप में भारत की कप्तानी करूंगा और इसकी मुझे पूरी उम्मीद थी. बाद में यह घोषणा की गई कि महेंद्र सिंह धोनी टूर्नामेंट में भारत के कप्तान होंगे.'

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युवराज सिंह का इंटरनेशनल रिकॉर्ड

युवराज सिंह ने 304 वनडे इंटरनेशनल खेले, जिनमें उन्होंने 8701 रन बनाए. उनके नाम पर वनडे इंटरनेशनल में कुल 14 शतक और 52 अर्धशतक दर्ज हैं. 40 टेस्ट मैचों युवराज ने कुल 1900 रन बनाए, जिसमें 3 शतक और 11 अर्धशतक शामिल रहे. वहीं 58 टी20 इंटरनेशनल में युवराज के बल्ले से 1177 रन निकले. युवी ने टी20 वर्ल्ड कप 2007 में स्टुअर्ट ब्रॉड को लगातार छह छक्के लगाए थे जो आज भी फैन्स के जेहन में है. बाएं हाथ के स्पिनर युवराज ने टेस्ट में 9, वनडे में 111 और टी20 इंटरनेशनल में 28 विकेट अपने नाम किए.

 

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