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EXCLUSIVE: दिल्ली के कोच कर्स्टन ने कहा- युवराज सिंह ने अपना काम बखूबी निभाया

इंडियन प्रीमियर लीग के आठवें सीजन (आईपीएल-8) में दिल्ली डेयरडेविल्स का सफर किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा. लेकिन टीम के कोच गैरी कर्स्टन का इस प्रदर्शन पर भी सकारात्मक रवैया आपको हैरत में डाल देगा.

गैरी कर्स्टन गैरी कर्स्टन

इंडियन प्रीमियर लीग के आठवें सीजन (आईपीएल-8) में दिल्ली डेयरडेविल्स का सफर किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा. लेकिन टीम के कोच गैरी कर्स्टन का इस प्रदर्शन पर भी सकारात्मक रवैया आपको हैरत में डाल देगा. कर्स्टन के कार्यकाल में टीम इंडिया वर्ल्ड चैंपियन बनी थी ऐसे में उम्मीद की जा रही थी कि दिल्ली डेयरडेविल्स इस आईपीएल में शानदार प्रदर्शन करेगी.

दिल्ली ने युवराज सिंह को 16 करोड़ रुपये में खरीदा था लेकिन उनका प्रदर्शन आईपीएल-8 में औसत दर्जे से भी कम रहा है. हालांकि कोच की नजर में दिल्ली का प्रदर्शन अच्छा रहा. दिल्ली ने चेन्नई सुपरकिंग्स को हराया लेकिन उससे पहले ही वो आईपीएल-8 के प्लेऑफ से आउट हो चुके थे. आईपीएल में दिल्ली के प्रदर्शन पर गैरी कर्स्टन से बातचीत के मुख्य अंश-

सवालः चेन्नई के खिलाफ जीत देरी से मिली, लेकिन इस जीत से आत्मविश्वास बढ़ा टीम का?
जवाबः हां, हमारे लिए ये अच्छी जीत थी. हमें लगता है कि हमने अच्छा क्रिकेट खेला लेकिन हमारे लिए लीग उतार चढ़ाव भरी रही लेकिन टॉप की टीम को हराना अच्छा लगा.

सवालः श्रेयस अय्यर टीम की खोज रहे और जहीर खान का अनुभव बहुत काम आया?
जवाबः हमें अपनी फ्रेंचाइजी पर गर्व है कि उन्होंने युवा क्रिकेटरों को लिया. श्रेयस शानदार खिलाड़ी है उसमें बहुत प्रतिभा है. हमने उसके साथ सारे मैच खेले. टीम में सीनियर खिलाड़ी को शामिल करने का लालच बना रहता है लेकिन हम उसको प्लेइंग इलेवन में लेकर ही खेले. जहीर खान की गेंदबाजी के अलावा कप्तान जेपी डुमिनी के साथ उसकी केमेस्ट्री फील्ड पर हमारे लिए मददगार रही. उसने 7 मैचों में टीम में अपनी जगह को बेहतरीन तरीके से साबित किया.

सवालः आप युवराज सिंह के प्रदर्शन के बारे में क्या सोचते हैं?
जवाबः युवी टीम में अहम योगदान देने के लिए आए थे और उन्होंने वैसा किया. आप एक दिग्गज खिलाड़ी से यही चाहते हैं. यह सिर्फ रन की बात नहीं होती है. उसने अपना काम बखूबी निभाया. आप हमारे लिए निराशाजनक तस्वीर बना सकते हैं लेकिन हमने अच्छी प्रोग्रेस दिखाई है. पिछले सीजन से अब हम यहां खड़े हैं. हमने तब दो ही मैच जीते थे और इसबार हमारी स्थिति पहले से बेहतर है.

सवालः लेकिन आपने तो प्लेऑफ तक पहुंचने का लक्ष्य बनाया होगा?
जवाबः नहीं, हम जहां से यहां तक आए हैं. हां, ये अच्छा होता अगर हम आगे बढ़े होते हमारा लक्ष्य वही था. लेकिन लोगों को समझना होगा कि आप एक सीजन में टीम को पूरी तरह से बदल नहीं सकते हैं, इसके लिए ज्यादा समय लगता है.

सवालः इस सीजन शुरू होने से पहले आपने क्या सोचा था?
जवाबः फ्रेंचाइजी टीम ने कई खिलाड़ियों को जाने दिया. एक तरह से ये पूरी नई टीम थी. आप ऐसी टीमों के खिलाफ खेल रहे थे तो आईपीएल के पहले सीजन से ही एकजैसी रही हैं. हमारे लिए एक दूसरे को समझना और तालमेल बनाना मुश्किल था. हमने इस सीजन में इस पर काम किया.

सवालः बैटिंग ऑर्डर में कुछ फेरबदल चौंकाने वाले रहे. जैसे युवी को नीचे उतारना?
जवाबः हमने बस एकबार डुमिनी से मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी कराई थी.

सवालः पहले मैच में युवी और डुमिनी दोनों को नीचे उतारा गया फिर पूरी लीग के दौरान युवी के बल्लेबाजी क्रम में बदलाव किया गया?
जवाबः 13 मैचों में पहला मैच ही ऐसा था जिसमें हमने ऐसा किया था. मुझे समझ नहीं आता इसमें क्या अलग था. हमें लगा कि डुमिनी नंबर 3 पर बेहतर करेंगे. युवी के लिए हम चाहते थे कि वो पावरप्ले के बाद खेलने उतरे. पावरप्ले के बाद युवी बेहतर बल्लेबाजी करते हैं. हम बस इतना चाहते थे कि जो जहां ज्यादा अच्छे से खेले उस बल्लेबाजी ऑर्डर पर आए.

सवालः क्या आपको लगता है कि प्राइस टैग के चलते युवी के प्रदर्शन पर असर पड़ा?
जवाबः मैं उसके प्रदर्शन से बहुत खुश हूं. उसने कड़ी मेहनत की और सकारात्मक रवैये के साथ खेलता रहा.

सवालः क्या आपको लगता है कि युवी और जहीर की टीम इंडिया में वापसी होगी?
जवाबः मुझे नहीं लगता कि जहीर टीम इंडिया में वापसी के बारे में सोच रहा होगा. 37 साल की उम्र में बस वो अपने खेल का मजा ले रहा है. लेकिन हां युवी के अंदर टीम इंडिया में वापसी करने की चाहत है. अपनी अच्छी फॉर्म के साथ वो हमेशा वापसी करने में कामयाब रहा है.

सवालः आप विराट कोहली को कप्तान के तौर पर कैसे देखते हैं? धोनी टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं. क्या विराट धोनी के उत्तराधिकारी हैं?
जवाबः मुझे विराट को देखना बहुत पसंद है. वो खेल में जिस तरह का जोश लेकर आता है वो देखना बहुत अच्छा लगता है. उसकी कप्तानी में जोश, प्रबलता और दृढ़ विश्वास है, ये सब अच्छे कप्तान की निशानी हैं. धोनी भी शानदार कप्तान है और सौरव गांगुली भी ऐसे ही कप्तान थे. टीम इंडिया के लिए यह रोचक समय है. लेकिन विराट को समझना होगा कि हर कोई उसकी तरह नहीं है. उसके लिए मैनेजमेंट अहम होगा जो वो समय के साथ सीख जाएगा.

सवालः टीम इंडिया को नए कोच की तलाश है, क्या गुरु गैरी वापसी कर सकते हैं?
जवाबः (हंसते हुए) नहीं, मैं टीम इंडिया का पास्ट था. हमेशा अच्छा होता है कि नए कोच को एक्सप्लोर किया जाए. नए कोच के साथ नया विचार आते हैं. प्रोफेशनल क्रिकेट में आप किसी भी काम पर ज्यादा समय तक नहीं टिक सकते हैं.

सवालः आपकी नजर में टीम इंडिया के कोच पद के लिए बेहतर ऑप्शन कौन होगा? सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़, स्टीफन फ्लेमिंग?
जवाबः इसका जवाब देना मुश्किल है. देखना होगा कि टीम इंडिया की जरूरत क्या है. कोचिंग के लिए व्यक्ति को फ्लेक्सिबल होना पड़ता है. टीम इंडिया के हिसाब से कोच होना चाहिए. टीम इंडिया के कोच पद को लेकर मैं खुद को भाग्यशाली समझता हूं. मैंने अपने कार्यकाल में नैचुरल कोचिंग दी, सीनियर खिलाड़ियों के साथ काम किया. लेकिन अब टीम यंग है, तो शायद टीम को थोड़ा अलग लीडर चाहिए. कोच को नियुक्त करने से पहले इन सब बातों पर ध्यान देना जरूरी है.

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