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हितों के टकराव पर गाइडलाइंस ठीक नहीं, गांगुली ने BCCI को 'चेताया'

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान गांगुली ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) द्वारा बुलाई गई बैठक में हितों के टकराव से जुड़े दिशा निर्देशों का जोरदार विरोध किया.

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सौरव गांगुली और संजय मांजरेकर (IANS)
सौरव गांगुली और संजय मांजरेकर (IANS)

सौरव गांगुली ने हितों के टकराव के मुद्दे पर एक बार फिर जोरदार प्रहार किया है. टीम इंडिया के पूर्व कप्तान गांगुली ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) द्वारा बुलाई गई बैठक में हितों के टकराव से जुड़े दिशा निर्देशों का जोरदार विरोध किया. उन्होंने कहा कि इसका मतलब यह होगा कि कई प्रतिभाएं हमसे दूर चली जाएंगी.

सूत्रों का कहना है कि स्काइप (Skype) के माध्यम से जुड़े गांगुली ने अपना राय रखी. गांगुली ने कहा कि क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) के अध्यक्ष और कमंटेटर रहते हुए आईपीएल फ्रेंचाइजी दिल्ली कैपिटल्स (DC) की एडवाइजरी भूमिका में उनका कोई हितों का टकराव नहीं है. गांगुली पर आरोप लगाया गया था यह सीधे तौर पर हितों का टकराव का मामला है.

राहुल द्रविड़ का समर्थन करते हुए गांगुली ने कहा कि उन पर हितों टकराव का आरोप अनुचित है. द्रविड़ पर आरोप लगाया गया है कि वह वर्तमान में नेशनल क्रिकेट एकेडमी (NCA) के निदेशक हैं और वह इंडिया सीमेंट्स ग्रुप के उपाध्यक्ष भी हैं. इंडिया सीमेंट्स ग्रुप आईपीएल फ्रेंचाइजी चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) की मालिक भी है. द्रविड़ को हितों के टकराव पर बीसीसीआई के एथिक्स ऑफिसर से नोटिस मिला है.

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अपना तर्क रखते हुए गांगुली ने कहा कि ये कहा जा सकता है कि भारत के गेंदबाजी कोच भरत अरुण को इसलिए काम मिला क्योंकि उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के साथ काम किया था.

वह संजय मांजरेकर के उस बयान से भी सहमत नहीं हैं, जिसमें उन्होंने हितों के टकराव पर अपनी राय रखी है. मांजरेकर ने कहा है कि उन्होंने हमेशा एक काम करने में विश्वास किया है, इसीलिए वह मीडिया और कमेंट्री से जुड़े रहते हैं.

गौततलब है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त प्रशासकों की समिति (सीओए) ने यह बैठक हितों के टकराव मामले पर पूर्व खिलाड़ियों की राय जानने के लिए बुलाई थी. गांगुली ने बैठक में नियम बदलने पर जोर दिया, लेकिन बीसीसीआई उनसे सहमत नहीं है.

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