बीसीसीआई ने रविवार को सीएसी की नियुक्ति टाल दी और सौरव गांगुली ने कहा कि विवादास्पद हितों के टकराव का मुद्दा इसमें आड़े आ रहा है जिसे सीओए को भी लागू करना मुश्किल लगा था. सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्ष्मण और गांगुली को खुद सीएसी से इस्तीफा देना पड़ा था क्योंकि उन पर हितों के टकराव के आरोप लगे थे.
सौरव गांगुली ने बोर्ड की एजीएम के बाद मीडिया से कहा कि सीएसी का ज्यादा काम नहीं है. हम सीएसी के बारे में बात करते रहते हैं, लेकिन सीएसी का काम चयनकर्ताओं और कोच की नियुक्ति करना है. इसलिए एक बार आप चयनसमिति नियुक्त कर लेते हो तो यह चार साल के लिए बरकरार रहती है और जब आप कोच नियुक्त करते हो तो वह तीन साल के लिए रहता है. इसलिये पूर्णकालिक
CAC मानद पद, किस आधार पर भुगतान?
सौरव गांगुली ने कहा कि अभी तक यह सीएसी मानद पद है इसलिए अगर आप भुगतान भी करते हो तो आप किस आधार पर भुगतान करोगे. इसमें नियमित काम नहीं है. इसलिए सीएसी में हितों का टकराव है तो मुझे नहीं लगता कि इसमें केवल एक ही बैठक होती है.
बीसीसीआई प्रमुख ने कहा कि वे हितों के टकराव के के लिए उच्चतम न्यायालय का रूख करेंगे. सौरव गांगुली ने कहा कि हितों का टकराव सभी को रोक रहा है, इसलिए हम सीएसी नहीं बना सकते. इसलिए हम उचित चयनकर्ता नहीं ला सकते.