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IPL: बेदी ने दागा तीखा सवाल- सिर्फ 50% जुर्माना देकर कैसे छूट गए धोनी?

चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पर आईपीएल मैच के दौरान मैदानी अंपायरों से बहस करने के लिए 50 प्रतिशत मैच फीस का जुर्माना लगाया गया है.

बेदी-धोनी (फाइल) बेदी-धोनी (फाइल)

पूर्व भारतीय कप्तान बिशन सिंह बेदी ने ‘डरपोक’ अधिकारियों को आड़े हाथों लिया, जिन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पर आईपीएल मैच के दौरान मैदानी अंपायरों से बहस करने के लिए 50 प्रतिशत मैच फीस का जुर्माना लगाया.

बेदी ने ट्वीट किया, ‘मीडिया ने धोनी के मैदान के अंदर आने को अंपायरों के खिलाफ बेहद अपरिपक्व विरोध करार दिया है, जिस पर मैं हैरान हूं. मेरे लिए यह अबूझ पहेली है कि खेल पत्रकार गलती करने वाले स्थापित सितारों के खिलाफ ईमानदार अभिव्यक्ति करने से क्यों बचते हैं. यहां तक कि अधिकारियों का भी धोनी के प्रति डरपोक रवैया अपनाकर 50 प्रतिशत जुर्माना लगाना बचकाना है.’

यह घटना चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच जयपुर में खेले गए आईपीएल मैच के दौरान घटी थी.

पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर संजय मांजरेकर का मानना है कि धोनी अंपायर के साथ हुई अपनी इस बहस के बाद सस्ते में ही छूट गए. मांजरेकर ने ट्वीट करते हुए कहा, मैं हमेशा धोनी का बड़ा प्रशंसक रहा हूं, लेकिन उन्‍होंने सीधे तौर पर लक्ष्‍मण रेखा पार की है. वे खुशकिस्‍मत रहे कि बेहद छोटा जुर्माना देकर बच गए.

आईपीएल के वर्तमान सत्र में अंपायरिंग का स्तर लगातार चर्चा का विषय रहा है और मुंबई इंडियंस के क्रिकेट संचालन निदेशक और पूर्व तेज गेंदबाज जहीर खान का मानना है कि अंपायरों पर जितना अधिक दबाव बनाया जाएगा, मुश्किलें उतनी अधिक बढ़ेंगी.

सस्ते में छूटे धोनी, नहीं तो वर्ल्ड कप में भुगतना पड़ता खामियाजा

चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ आईपीएल मैच के दौरान अपने व्यवहार के विपरीत डगआउट से उठकर अंपायर उल्हास गांधे के फैसले को चुनौती देने के लिए मैदान पर जाना चर्चा का विषय बना हुआ है.

जहीर ने इस संदर्भ में कहा, ‘मेरा मानना है कि कई चीजों में सुधार हुआ है और सुधार के लिए हमेशा गुंजाइश रहती है. इसलिए अंपायरिंग के स्तर की बात करें तो यह आसान काम नहीं है और आप उन पर (अंपायरों) जितना अधिक दबाव बनाओगे, मुश्किलें उतनी अधिक बढ़ती जाएंगी.’

उन्होंने कहा, ‘आप जानते हैं कि जब तक सही फैसला होगा तब तक चीजें सही रहेंगी. हां इस टूर्नामेंट में हमने देखा जबकि चीजें सीमा से थोड़ा बाहर चली गईं, लेकिन अगर पूरे मैच के दौरान अंपायरिंग में निरंतरता हो, तो फिर कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए.’

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