आईपीएल के मामले में मुद्गल कमेटी की रिपोर्ट पर सोमवार को सुनवाई करते हुए लगाई है. कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा, 'क्रिकेट इस देश में धर्म की तरह है. करोड़ों लोग इस खेल के दीवाने है, लेकिन इस खेल को तबाह कर रहा है.'
इसके साथ ही के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संदेह का लाभ खेल को मिलना चाहिए ना कि व्यक्ति को, कोर्ट ने सवाल करते हुए कहा कि क्या का आईपीएल टीम का मालिक होना हितों का टकराव नहीं है.
कोर्ट ने अधिकारियों से पूछा कि जब बोर्ड निर्णय करता है, तो क्या मुखिया चुप्पी साधे रहता है?. क्या यहां हितों का टकराव नहीं है?. बीसीसीआई कहती है कि रिपोर्ट में जिन लोगों का जिक्र होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, लेकिन इसमें अधिकारी ही शामिल हो, तो क्या होगा.