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साइंस न्यूज़

मंगल ग्रह पर आए दो भयानक भूकंप, 94 मिनट तक कांपता रहा लाल ग्रह

Two Giant Marsquakes
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मंगल ग्रह पर पिछले कुछ दिनों से रहस्यमयी भूकंप आ रहे हैं. इससे पहले ऐसी घटना वैज्ञानिकों ने कभी देखी नहीं थी. लेकिन हाल ही में दो बड़े भयानक भूकंप दर्ज किए गए. इन दोनों भूकंपों की तारीखें और तीव्रता नासा (NASA) के इनसाइट लैंडर (InSight Lander) ने दर्ज की है. हालांकि यह माना जा रहा है कि लाल ग्रह के अंदर किसी तरह की ज्वालामुखीय घटना हो रही है. यह ग्रह काफी ज्यादा सक्रिय है. (फोटोः गेटी)

Two Giant Marsquakes
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इनसाइट लैंडर (InSight Lander) ने नवंबर 2018 में मंगल ग्रह की सतह पर अपने कदम जमाए थे. तब से लेकर अब तक इसने कई मार्सक्वेक (Marsquakes) यानी मंगल ग्रह पर भूकंप दर्ज किए लेकिन हाल ही में दो बड़े स्तर के भूकंपों ने इस लैंडर को भी हिला दिया. इंग्लैंड स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल में सीस्मोलॉजिस्ट एना होर्लेस्टन ने एक बयान में कहा कि यह बेहद बड़े और दूर तक असर दिखाने वाली गतिविधियां हैं. मंगल ग्रह पर आए अब तक के भूकंपों में सबसे भयानक और बड़े जो इंसानों ने दर्ज किए हैं. (फोटोः NASA)

Two Giant Marsquakes
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पहले भूकंप को नाम दिया गया है S0976a. इसकी तीव्रता 4.2 थी. यह 25 अगस्त 2021 को आया था. इसका केंद्र मंगल ग्रह की सबसे बड़ी घाटी वैलेस मैरिनेरिस (Valles Marineris) थी. यह घाटी 4000 किलोमीटर लंबी है. लेकिन इसकी तीव्रता को इस घाटी के विपरीत दिशा में ग्रह के दूसरी तरफ मौजूद इनसाइट लैंडर (InSight Lander) ने दर्ज किया. इस घाटी में कई भूकंपीय फॉल्ट्स हैं. यह सौर मंडल का सबसे बड़ा कैनयन सिस्टम है. यहां प भूस्खलन भी होता रहता है. (फोटोः विकिपीडिया)

Two Giant Marsquakes
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दूसरे भूकंप का नाम है S1000a. पहले भूकंप के 24 दिन बाद 18 सितंबर को आया. इसकी तीव्रता 4.1 थी. लेकिन इसका केंद्र पता नहीं चल पाया. यह भूकंप 94 मिनट तक मंगल ग्रह को कंपकंपाता रहा. यह मंगल ग्रह पर अब तक दर्ज सबसे लंबी भूकंपीय गतिविधि थी. इनसाइट लैंडर (InSight Lander) के सीस्मोमीटर ने यहां पर धरती पर आने वाले भूकंपों की तरह दो तरह की तरंगों को महसूस किया. जिन्हें प्रेशर वेव्स (Pressure Waves) कहते हैं. (फोटोः NASA)

Two Giant Marsquakes
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इन गतिविधियों से यह पता चलता है कि मंगल ग्रह फिलहाल मरने वाला तो नहीं है. लेकिन उसके अंदर बहुत ज्यादा खलबली मची हैं. मंगल ग्रह के अंदर लगातार घरघराहट हो रही है. भूकंपीय गतिवधियां बढ़ी हुई हैं. ऑस्ट्रेलिया में स्थित ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी के जियोफिजिसिस्ट हरवोए कालसिक ने कहा कि हमारे लिए यह जरूरी है कि हम मंगल ग्रह के मैंटल (Mantle) को समझे. (फोटोः NASA)
 

Two Giant Marsquakes
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हरवोए कालसिक ने कहा कि मैंटल को समझने से हम यह जान पाएंगे कि यहां इतने भूकंप क्यों आ रहे हैं. दूसरा यह ग्रह कैसे विकसित हुआ. सौर मंडल में कैसे ग्रहों का निर्माण हुआ. बहुत समय से वैज्ञानिक यह मानकर चल रहे थे कि मंगल ग्रह शांत है. किसी तरह की गतिविधियां नहीं हो रही हैं, हो सकता है कि वह मरने की कगार पर जा रहा हो. लेकिन इन गतिविधियों ने बता दिया कि मंगल जीवित है और पूरी तरह से दमदार है. (फोटोः NASA/Wiki)

Two Giant Marsquakes
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मंगल ग्रह (Mars) के पास चुंबकीय शक्ति बहुत कम है. किसी भी ग्रह की चुंबकीय शक्ति उसके अंदर से पैदा होती है. जिसे आमतौर पर डायनमो (Dynamo) कहते हैं. यानी एक गर्म तरल पदार्थ का घूमता हुआ इलेक्ट्रकिली चार्ज्ड गोला. इसकी वजह से काइनेटिक एनर्जी चुंबकीय शक्ति में बदल जाती है. इसकी वजह से ग्रह के चारों तरफ मैग्नेटिक फील्ड का निर्माण होता है. (फोटोः NASA)

Two Giant Marsquakes
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मंगल ग्रह के चारों तरफ चुंबकीय शक्तियां कम हैं. चुंबकीय शक्ति की वजह से किसी भी ग्रह के लिए जीवन और मौत के बीच की प्रमुख डोर होती है. जैसे धरती पर मौजूद चुंबकीय शक्ति कि वजह से ग्रह और इस पर रहने वाले जीव-जंतु अंतरिक्ष के रेडिएशन से बच जाते हैं. मंगल ग्रह पर रेडिएशन का स्तर बहुत ज्यादा है. जबकि, धरती की तुलना में वह सूरज से काफी ज्यादा दूर है. (फोटोः NASA)

Two Giant Marsquakes
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हरवोए कालसिक ने कहा कि बिना चुंबकीय शक्ति के किसी भी ग्रह पर जीवन संभव नहीं है. लेकिन जब साल 2018 में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) के इनसाइट लैंडर (InSight Lander) ने मंगल ग्रह की धड़कनों को सुनना शुरु किया तो वैज्ञानिकों को पहली बार इस बात के पुख्ता सबूत मिले कि वहां पर भूकंप आते हैं. इनसाइट ने सैकड़ों भूकंपों को दर्ज किया है. (फोटोः NASA)

Two Giant Marsquakes
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हरवोए कालसिक और चाइनीज एकेडमी साइंसेज के जियोफिजिसिस्ट वीजिया सुन ने मंगल ग्रह से संबंधित इनसाइट और उससे अलग डेटा की स्टडी की. दोनों ने गैर-पारंपरिक तरीके से इनकी गणना की. मंगल ग्रह पर आने वाले भूकंपों को मार्सक्वेक (Marsquakes) कहते हैं. इन दोनों ने 47 जोड़े भूकंपीय गतिविधियों का अध्ययन किया. जोड़े से मतलब ये है कि भूकंप की लहर एक तरफ से जाकर वापस लौटे तो उसे जोड़ा कहा जाता है. (फोटोः NASA)

Two Giant Marsquakes
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दोनों वैज्ञानिकों ने देखा कि यह भूकंप मंगल ग्रह के सेरबेरस फॉसे (Cerberus Fossae) नाम की जगह से पैदा हो रहे हैं. यह ऐसा स्थान है जहां पर कई फॉल्ट्स बने हैं. साल 2019 में मई से जुलाई महीने के बीच इस जगह से दो बड़े भूकंप पैदा हुए. जिनके आसपास कई छोटे भूकंपों की सीरीज चलती रही. हर सीरीज हर एक बड़े भूकंप से संबंधित थी. लेकिन इन भूकंपों के पैदा होने की सही वजह नहीं पता चल रही थी. (फोटोः NASA)

Two Giant Marsquakes
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हरवोए कालसिक ने कहा कि नासा के डेटा के अनुसार पहले आए भूकंप रात में रिकॉर्ड किए गए. लेकिन जिन 47 भूकंपों की बात हम कर रहे हैं, वो मंगल ग्रह के मैंटल की वजह से पैदा हुए हैं. इनकी शुरुआत सेरबेरस फॉसे से हुई. यह इलाका एक करोड़ से साल से काफी ज्यादा सक्रिय है. यहां पर काफी ज्यादा भूकंप आ रहे हैं. क्योंकि मंगल ग्रह के अंदर मैग्मा का बहाव काफी ज्यादा हो रहा है. (फोटोः NASA)