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साइंस न्यूज़

डॉक्टरों का कमाल, सर्जरी कर सीने पर लटका 4 KG का ट्यूमर हटाया

Gorakhpur Tumor Surgery
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गोरखपुर में एक अद्भुत सर्जरी की गई है. सीने पर उगे चार किलो के ट्यूमर को काटकर निकाला गया. उसके बाद उस जगह को पीठ की मांसपेशियों से भर दिया गया. इस ऑपरेशन को गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया और मरीज की जान बचा ली. बल्कि इससे पहले मरीज ने दो प्राइवेट अस्पतालों में दिखाया. वहां सर्जरी भी हुई लेकिन असफल रही. 
 

Gorakhpur Tumor Surgery
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यूपी के मऊ जिले के रहने वाले 40 वर्षीय युवक के सीने पर एक बड़ा ट्यूमर था. इससे उसे काफी ज्यादा परेशानी हो रही थी. निजी अस्पतालों में भी दिखाया था, लेकिन वहां उसे कोई सफलता नहीं मिली. ट्यूमर युवक के गले की नसों और नीचे पसलियों तक फैल गया था. हालत लगातार गंभीर होती जा रही थी. 

Gorakhpur Tumor Surgery
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फिर पिछले हफ्ते उसके परिजनों ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज (BRD Medical College) में युवक को दिखाया. तत्काल डॉक्टरों ने मरीज को भर्ती किया. जांच करने पर पता चला कि ट्यूमर की वजह से कैंसर पनप रहा है. जल्द ऑपरेशन नहीं किया गया तो भारी दिक्कत हो जाएगी. ज्यादा स्थिति बिगड़ी तो जान भी जा सकती है. 

Gorakhpur Tumor Surgery
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इसके बाद डॉक्टरों ने युवक का ऑपरेशन करने का फैसला किया. प्लास्टिक सर्जन डॉ. नीरज नथानी और सर्जन डॉ. अशोक यादव ने मिलकर इस ऑपरेशन को 6 घंटे में पूरा किया. दोनों डॉक्टरों ने बताया कि ट्यूमर गले की नसों और पसलियों तक पहुंच गया था. इसकी वजह से हड्डियों के गलने का खतरा था. इसके अलावा इसकी वजह से मांसपेशियों पर बुरा असर हो रहा था. 

Gorakhpur Tumor Surgery
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मरीज के परिजनों ने बताया कि निजी अस्पताल में हुई सर्जरी में ट्यूमर पूरी नहीं निकल पाया. बल्कि उसकी स्थिति और खराब होने लगी. तब डॉ. नथानी और डॉ. यादव ने सर्जरी करके सीने पर से ट्यूमर को हटा दिया. लेकिन बड़ी चुनौती थी उस गड्ढे जैसे स्थान को सुरक्षित तरीके से भरने की. लेकिन दोनों डॉक्टरों ने इस काम को भी बूखबी निभाया. 

Gorakhpur Tumor Surgery
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दोनों डॉक्टरों ने युवक के सीने पर ट्यूमर हटाने के बाद बने घाव को भरने के लिए पीठ की त्वचा की मदद ली. पीठ से ली गई स्किन का रीकंस्ट्रक्शन करके उसे सीने पर घाव के ऊपर लगाया गया. इसके बाद उसे सीने पर सिल दिया गया. दोनों डॉक्टरों ने बताया कि इस रीकंस्ट्रक्शन सर्जरी की वजह से सीने की कोशिकाओं पर नुकसान नहीं होगा.

Gorakhpur Tumor Surgery
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डॉ. नथानी ने बताया कि इंसान के शरीर से ली गई त्वचा जल्द ही घाव वाली जगह के साथ मिल जाती है. उसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता. कम समय में घाव की हीलिंग हो जाती है. इसे फ्लैट सर्जरी तकनीक कहा जाता है. ऑपरेशन की इस तकनीक से कई मरीजों को फायदा हुआ है. इसलिए आमतौर पर प्लास्टिक सर्जन इस तकनीक का सहारा लेते हैं. (फोटोः गेटी)