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लॉकडाउन: अयोध्या में सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रख मनाई गई जानकी नवमी

गृह मंत्रालय की एडवाइजरी के तहत कोरोना वायरस के खतरे से बचने लिए लॉकडाउन आने वाली 17 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया है.

जानकी नवमी पर हर साल यहां भक्तों का तांता लगता था. जानकी नवमी पर हर साल यहां भक्तों का तांता लगता था.

हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार बैसाख मास में शुक्ल पक्ष की नवमी को माता जानकी की उत्पत्ति हुई थी. शनिवार को देशभर में लोगों ने माता जानकी के लिए व्रत रखा. अन्य त्योहारों की तरह जानकी नवमी भी कोरोना वायरस के कारण हुए लॉकडाउन के चलते प्रभावित हुई.

गृह मंत्रालय की एडवाइजरी के तहत कोरोना वायरस के खतरे से बचने लिए लॉकडाउन आने वाली 17 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया है. इसके मद्देनजर अयोध्या में झुनकी घाट स्थित सिद्ध पीठ सियाराम किला मंदिर में जानकी नवमी (देवी मां श्री सीता जी का जन्मोत्सव) पर श्रद्धालुओं की भीड़ को इकट्ठा नहीं होने दिया गया.

कोरोना वायरस के चलते हुए लॉकडाउन के कारण जानकी जन्मोत्सव आरती पूजन अनुष्ठान में भी बहुत कम संख्या में मंदिर के साधु-संत और भक्तगण उपस्थित रहे. सोशल डिस्टेंसिंग में रहकर भजन कीर्तन आरती पूजन किया गया है और लोगों को एक-दूसरे से उचित दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए गए.

जानकी नवमी पर हर साल यहां भक्तों का तांता लगता था. बता दें कि इससे पहले गंगा सप्तमी के मौके पर भी मंदिरों में ऐसा ही हाल देखने को मिला था. बनारस में स्थित गंगा नदी के 80 से ज्यादा घाट सूने पड़े रहे. लॉकडाउन के कारण यहां दूर-दूर तक आस्था की डुबकी लेने वाली नजर नहीं आ रहे थे.

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