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कृष्ण उपासना का पावन दिन है कामदा एकादशी

कामदा एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है. चैत्र मास में एकादशी के उपवास का विशेष महत्व है.

इस दिन वासुदेव कृष्ण की उपासना की जाती है इस दिन वासुदेव कृष्ण की उपासना की जाती है

व्रत और उपवास की परंपरा प्राचीन काल से ही चली आ रही है. शरीर और मन को संतुलित करने के लिए ऋषि-मुनियों ने व्रत और उपवास के नियम बनाए थे. इसीलिए ही तो हर व्रत और उपवास का अपना अलग महत्व होता है. कामदा एकादशी के दिन वासुदेव कृष्ण की उपासना करने से सबका कल्याण होगा.

क्यों है कामदा एकादशी का व्रत महत्वपूर्ण?
इस दिन वासुदेव श्रीकृष्ण की उपासना से सभी सांसारिक दोष और पापों का नाश होता है. मान्यता है कि जो इंसान इस व्रत को पूरी विधि से कर लेता है उसके सारे पाप स्वयं ही नष्ट हो जाते हैं. आइए जानते हैं कि कान्हा की उपासना की ये एकादशी क्यों है इतनी महत्वपूर्ण...
- शरीर और मन को संतुलित करने के लिए व्रत और उपवास के नियम बनाए गए हैं.
- तमाम व्रत और उपवासों में सबसे ज्यादा महत्व एकादशी का है.
- महीने में दो बार पड़ती है एकादशी, एक शुक्ल पक्ष में और दूसरी कृष्ण पक्ष में.
- एकादशी व्रत में मुख्य रूप से भगवान विष्णु, कृष्ण और उनके अवतारों की पूजा की जाती है.
- चैत्र मास में एकादशी उपवास का विशेष महत्व है.
-कामदा एकादशी से मन और शरीर दोनों ही संतुलित रहते हैं और गंभीर रोगों से रक्षा भी होती है.
- पाप नाश और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए कामदा एकादशी का विशेष महत्व है.

कामदा एकादशी पर कैसे करें पूजा-उपासना?
हर व्रत और पर्व का संबंध किसी विशेष देवी या देवता से होता है. कामदा एकादशी पर वासुदेव कृष्ण की उपासना का विधान है. ज्योतिष के जानकारों की मानें तो इस दिन श्रीकृष्ण की विधिवत उपासना करके इंसान अपने सभी पापों से मुक्ति पा सकता है.
- इस दिन सुबह नहाकर पहले सूर्य को अर्घ्य दें, फिर भगवान कृष्ण की आराधना करें.
- कान्हा को पीले फूल, फल, पंचामृत और तुलसी दल अर्पित करें.
- इसके बाद भगवान कृष्ण का ध्यान करें और उनके मन्त्रों का जाप करें.
- इस दिन पूरी तरह जलीय आहार या फलाहार लें तो इस व्रत के उत्तम परिणाम मिलेंगे.
- अगर केवल एक वेला रखें तो दूसरी वेला में वैष्णव भोजन ही ग्रहण करें.
- अगले दिन सुबह किसी निर्धन को एक वेला का भोजन या अन्न दान करें.
- इस दिन मन को ईश्वर में लगाएं, क्रोध ना करें और झूठ ना बोलें.

कामदा एकादशी पर कैसे पूरी होगी संतान की कामना?
कहते हैं सच्चे मन से ईश्वर की उपासना करने से हर समस्या का समाधान मिल सकता है. अगर आपकी संतान प्राप्ति की कामना अभी तक अधूरी है तो कामदा एकादशी का व्रत करना आपके लिए विशेष लाभकारी हो सकता है.
- पति-पत्नी संयुक्त रूप से भगवान कृष्ण को पीला फल और पीले फूल अर्पित करें.
- एक साथ संतान गोपाल मंत्र का कम से कम 11 माला जाप करें.
- फिर संतान प्राप्ति की प्रार्थना करें.
- फल को पति-पत्नी प्रसाद के रूप में ग्रहण करें.

आर्थिक लाभ के लिए क्या करें?
अगर आपके जीवन में धन से जुड़ी समस्या है तो भी कामदा एकादशी का व्रत आपके लिए उत्तम फलदायी हो सकता है.
- भगवान कृष्ण को पीले फूलों की माला अर्पित करें.
- इसके बाद "ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीवासुदेवाय नमः" का कम से कम 11 माला जाप करें.
- फिर भगवान कृष्ण से आर्थिक लाभ की प्रार्थना करें.
- ये प्रयोग वर्ष में एक बार जरूर करें.

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