चंद्रगुप्त मौर्य जैसे बालक को अखंड भारत का सम्राट बनाने वाले आचार्य चाणक्य अपने एक श्लोक में उन 7 प्राणियों का जिक्र करते हैं जो अगर सो रहे हों तो उन्हें जगाना नहीं चाहिए. जगाने पर व्यक्ति को मौत की सजा भी मिल सकती है.
अहिं नृपं च शार्दूलं बरटिं बालकं तथा।
परश्वानं च मूर्खं च सप्त सुप्तान्न बोधयेत्।।
चाणक्य कहते हैं कि...
> राजा को नींद से नहीं जगाना चाहिए क्योंकि निद्रा के बीच में जगाने पर राजा को गुस्सा आ सकता है और जगाने वाले को डंड भी दे सकता है. इस डंड में मौत की सजा भी मिल सकती है. हालांकि, यह बात चाणक्य ने राजा-महाराजाओं के समय में कही थी जिसे अब शासन व्यवस्था से जोड़कर देखा जा सकता है.
> शेर अगर सो रहा हो तो उसे जगाना अपनी मौत को खुद ही बुलाने के बराबर होता है. इसलिए शेर को कभी नींद से नहीं जगाना चाहिए, कोशिश भी नहीं करनी चाहिए.
> सांप अगर स्थिर हो और सो रहा हो तो उसे परेशान नहीं करना चाहिए. उसे छेड़ते ही आपकी मौत हो सकती है.
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> बच्चे को भी सोते वक्त परेशान नहीं करना चाहिए. क्योंकि बच्चे जिद्दी होते हैं और बाल हठ को सबसे बड़ा हठ माना गया है, ऐसे में नींद से जगाने पर वो आपके लिए मुसीबत पैदा कर सकते हैं.
> पशु अगर हिंसक हो और वो सो रहा हो उसे भी नींद से नहीं जगाना चाहिए. किसी भी व्यक्ति द्वारा उसे जगाए जाने पर वह गुस्सा होकर हमला कर सकता है.
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> मूर्ख व्यक्ति को जगाने पर भी खतरा हो सकता है. क्योंकि मूर्ख व्यक्ति को समझाना भैंस के आगे बीन बजाने जैसा होता है. ऐसे में अगर वो बीच नींद से जाग गया तो आपके लिए परेशानी खड़ी कर सकता है.
> बिच्छू जैसे डंक मारने वाले कीड़े को भी नींद से नहीं जगाना चाहिए क्योंकि जगाते ही वो सबसे पहले डंक मारते हैं. ऐसे में आपकी जान भी जा सकती है.
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