दुनिया भर के मुसलमानों की हज यात्रा आज से शुरू हो गई है. हालांकि कोरोना वायरस की वजह से इस बार हज यात्रा करने वाले लोगों की संख्या बहुत कम है. पिछले साल 25 लाख लोगों ने हज किया था, वहीं इस बार सिर्फ सऊदी अरब में रहने वाले 10,000 लोगों को ही इस तीर्थयात्रा में भाग लेने की इजाजत मिली है.
सऊदी अरब के सार्वजनिक सुरक्षा निदेशक खालिद बिन करार ने अल जजीरा न्यूज को बताया, 'हज यात्रा को लेकर सुरक्षा संबंधी कोई चिंता नहीं है, लेकिन महामारी के खतरे को देखते हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षित रखने की पूरी कोशिश की जाएगी.'
हज यात्रियों को मास्क पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य होगा. हज यात्रा के लिए उन्हें ही इजाजत मिली है जिन्हें टेम्प्रेचर चेक करने के बाद कुछ दिनों के लिए क्वारनटीन में रखा गया था.
Happening NOW: Historic Hajj 🕋
Great job by the Saudi Authorities despite 👏🏼
— حسن سجواني 🇦🇪 Hassan Sajwani (@HSajwanization)
स्थानीय मीडिया के मुताबिक, हज के लिए आए तीर्थयात्रियों के सामान को पहले सैनिटाइज किया गया और लोगों की कलाई में इलेक्ट्रॉनिक बैंड बांधी गई जिससे अधिकारियों को उनकी निगरानी करने में आसानी हो.
संक्रमण के खतरे को देखते हुए इस साल पवित्र काबा को स्पर्श करने या चूमने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. सभी तीर्थयात्रियों को प्रार्थना के दौरान पांच फीट दूरी बनाए रखनी होगी. दुनिया के बाकी मुल्कों से हज यात्रियों को इजाजत नहीं दी गई है. भारत से भी इस बार कोई हज यात्री नहीं गया है.