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बम-भोले के जयकारे से गूंजी केदारघाटी, खुल गए केदारनाथ के कपाट

कुदरत की तबाही के करीब एक साल बाद रविवार को फिर से केदारनाथ के कपाट खुल गए. सुबह 8 बजे मंदिर में भव्य आरती के साथ ही भगवान केदारनाथ के कपाट भक्तों के लिए खोल दिए गए. केदारनाथ का पवित्र धाम एक साल पहले तबाही में पूरी तरह बर्बाद हो चुका था. लेकिन अब ये एक बार फिर भक्तों को अपने यहां बुला रहा है. मंदिर तक पहुंचने के लिए नया रास्ता बनाया गया है.

कुदरत की तबाही के करीब एक साल बाद रविवार को फिर से केदारनाथ के कपाट खुल गए. सुबह 8 बजे मंदिर में भव्य आरती के साथ ही भगवान केदारनाथ के कपाट भक्तों के लिए खोल दिए गए. केदारनाथ का पवित्र धाम एक साल पहले तबाही में पूरी तरह बर्बाद हो चुका था. लेकिन अब ये एक बार फिर भक्तों को अपने यहां बुला रहा है. मंदिर तक पहुंचने के लिए नया रास्ता बनाया गया है.

कुदरत की तबाही के एक साल बाद भगवान केदारनाथ का मंदिर एक बार फिर चमक रहा है. शि‍व के प्रिय वाहन नंदी पर फूलों का हार चढ़ा है. भक्तों को जिस पल का इंतजार था अब वो खत्म हो गया है. क्योंकि आज से केदारनाथ धाम के कपाट खुल गए हैं और अब फिर से भक्त अपने अराध्य के दर्शनों के लिए आएंगे.

आज तक की टीम ने केदारनाथ पहुंचने के लिए बनाए गए नए रास्ते का जायजा लिया. जिस समय केदारनाथ के कपाट खुले उस समय भी आज तक की टीम वहीं मौजूद थी. त्रासदी के बाद केदारनाथ धाम काफी कुछ बदल गया है.

पिछले साल 15 और 16 जून की रात केदारधाम में जो तबाही मची थी, उसके निशान अब भी देखने को मिल रहे हैं. बस्तियां अब भी उजड़ी हुई दिख रही हैं, रास्ते अब भी बेहद खराब हैं. लेकिन प्रशासन का कहना है कि तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. बस भक्तों का इंतजार है. केदारनाथ मंदिर के इर्द-गिर्फ 4 से 5 फिट बर्फ अब भी जमी है, जिसे काटकर रास्ता बनाया गया है. लेकिन जिनके मन में आस्था का सैलाब हो, भोले की भक्ति हो वो हर चुनौती का सामना कर केदारनाथ जाने को बेताब हैं.

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