नवाब वाजिद अली शाह अपनी इस घोषणा के बाद पहले व्यक्ति थे जो होली खेलने वालों में सबसे पहले शामिल हुए. नवाब वाजिद अली शाह की प्रसिद्ध ठुमरी भी है- मोरे कन्हैया जो आए पलट के, अबके होली मैं खेलूँगी डटकेउनके पीछे मैं चुपके से जाके, रंग दूंगी उन्हें भी लिपटके'.