दोस्ती का रिश्ता
भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता हमें बचपन से इसलिए पढ़ाई-सिखाई जाती है, क्योंकि वो हमें रिश्तों की कद्र करना और दोस्तों के लिए कुछ भी करने के लिए तैयार रहने के लिए प्रेरित करती हैं. साथ ही ऊंच-नीच, अमीरी-गरीबी, छोटे-बड़े की पाबंदियों से दूर दोस्ती सबसे अहम रिश्ता भी यह कृष्ण-सुदामा ने हमें सिखाया. सुदामा, कृष्ण के बचपन के मित्र थे. वह बहुत ही गरीब व्यक्ति थे, लेकिन कृष्ण ने अपनी दोस्ती के बीच कभी धन व हैसियत को नहीं आने दिया. वे अर्जुन के भी बहुत अच्छे मित्र थे और द्रौपदी के भी बहुत अच्छे सखा थे.