इस बार विद्वानों के विभिन्न मत तृतीया को दो सितंबर भी तृतीया व्रत की बात रख रहे हैं. यहां उन सभी से विनम्रता पूर्वक आग्रह है कि निश्चित तौर पर हरितालिका व्रत तीजा 1 सितंबर को ही मनाया जाना चाहिए. कारण, उदयातिथि में तृतीया तिथि 1 और 2 सितंबर दोनों में ही नहीं है. साथ ही गणना में स्पष्ट रूप से तिथी की उपस्थिति लगभग पूरे अहोरात्र में 1 सितंबर को ही है.