दीपावली पर अक्सर चारों ओर दीपक जलाए जाते हैं, हालांकि सभी घरों में दीपावली के अलावा प्रतिदिन पूजा घर में दीपक जलाए जाने का प्रचलन है. दीपक जलाना बहुत ही शुभ होता है. कहते हैं कि इसको जलाने के कई तरह के कष्ट दूर होते हैं. आएइ जानते हैं दीपक के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें...
दीपक कई प्रकार के होते हैं, जैसे चांदी के दीपक, मिट्टी के दीपक, लोहे के
दीपक, ताम्बे के दीपक, पीतल की धातु से बने हुए दीपक और आटे से बनाए हुए
दीपक. दीपावली पर मिट्टी के दीपक ही जलाने का महत्व है. मिट्टी के दीपक
अधिक शुभ होते हैं.
आटे का दीपक-किसी भी प्रकार की साधना या सिद्धि के लिए आटे का दीपक जालते हैं और इसे ही पूजा करने के लिए सबसे उत्तम मानते हैं.
घी का दीपक- आर्थिक तंगी से मुक्ति पाने के लिए रोजाना घर के देवालय में शुद्ध घी का दीपक जलाना चाहिए. इससे देवी-देवता भी प्रसन्न होते हैं. आश्रम और देवालय में अखंड ज्योत जलाने के लिए भी शुद्ध गाय के घी का या तिल के तेल का उपयोग किया जाता है.
सरसों के तेल का दीपक- शत्रुओं से बचने के लिए भैरवजी के यहां सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए. सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए भी सरसों का दीपक जलाते हैं.
तिल के तेल का दीपक- शनि ग्रह की आपदा से मुक्ति के लिए तिल के तेल का दीपक जलाना चाहिए. इससे देवी-देवता भी प्रसन्न होते हैं.
अलसी के तेल का दीपक- राहु और केतु ग्रहों की दशा को शांत करने के लिए अलसी के तेल का दीपक जलाना चाहिए.
चमेली के तेल से भरा तिकोना दीपक- संकटहरण हनुमानजी की पूजा करने के लिए तथा उनकी कृपा आप पर सदैव बनी रहे, इसके लिए तीन कोनों वाला दीपक जलाना चाहिए.
तीन बत्तियों वाला घी का दीपक- गणेश भगवान की कृपा पाने के लिए रोजाना तीन बत्तियों वाला घी का दीपक जलाना चाहिए.
चार मुख वाला सरसों के तेल का दीपक-भैरव देवता को प्रसन्न करने के लिए चार मुख वाला सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए. इस उपाय को करने से व्यक्ति के जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं.
पांच मुखी दीपक- किसी केस या मुकदमे को जीतने के लिए भगवान के आगे पांच मुखी दीपक जलाना चाहिए. इससे कार्तिकेय भगवान प्रसन्न होते हैं.
सात मुखी दीपक- माता लक्ष्मी की कृपा हमेशा घर पर बनी रहे, इसके लिए हमें उनके समक्ष सात मुख वाला दीपक जलाना चाहिए. दीपावली पर यह कार्य अवश्य कीजिए.
आठ या बारह मुख वाला दीपक- शिव भगवान को प्रसन्न करने के लिए घी या सरसों के तेल का आठ या बारह मुख वाला दीपक जलाना चाहिए.
सोलह बत्तियों का दीपक-विष्णु भगवान को प्रसन्न करने के लिए इनके समक्ष रोजाना सोलह बत्तियों का दीपक जलाना चाहिए.