आज देश में गुड़ी पड़वा का त्यौहार मनाया जा रहा है. इस त्यौहार को विशेष रुप से गोवा और मराठी लोग मनाते हैं.
इसे नए साल की शुरुआत के तौर पर मनाया जाता है. चैत्र माह से हिन्दुओं का नववर्ष आरंभ माना गया है.
पौराणिक कथाओं में कहा जाता है कि इस दिन भगवान ब्रह्मा ने ब्रह्मांड बनाया था. लोग इस दिन नए कपड़े पहनते हैं और पूरा परिवार व रिश्तेदार मिलकर आनंद लेते हैं.
आज का दिन वास्तु पूजा के लिए शुभ माना जाता है और नए कारोबार खोलने के लिए भी इस दिन को महत्वता दी है.
इस दिन महाराष्ट्र में कई सामुदायिक जुलूस निकाले जाते हैं. इस त्यौहार से कई कहानियां जुड़ी हैं.
लोग मानते हैं कि इस दिन रावण को पराजित करने के बाद भगवान राम अयोध्या लौटे थे.
लोग इस दिन सूर्योपासना के साथ आरोग्य, समृद्धि और पवित्र आचरण की कामना करते हैं.
इस दिन घर-घर में विजय के प्रतीक स्वरूप गुड़ी सजाई जाती है. उसे नवीन वस्त्र पहनाकर चीनी से बनी आकृतियों की माला पहनाई जाती है.
पंडित कहते हैं कि ये दिन लोगों को भौतिक और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनाता है.
इस दिन लोग लोग कई पकवान बनाते हैं. इस दिन लोग घरों को साफ करते हैं और उसे खूब सजाते हैं.