किसी भी प्रदोष व्रत में भगवान शिव की पूजा शाम के समय सूर्यास्त से 45 मिनट पूर्व और सूर्यास्त के 45 मिनट बाद तक की जाती है. बुध प्रदोष का व्रत करके जीवन के समस्त रोग, दोष, शोक, कलह, क्लेश हमेशा के लिए खत्म हो जाते हैं. इस व्रत से बुध ग्रह के अशुभ प्रभाव को कम करने के साथ साथ दिमागी बीमारियां खत्म हो सकती हैं और बच्चों को बुद्धि का वरदान मिल सकता है.