scorecardresearch
 
Advertisement
धर्म

बुध प्रदोष की महिमा और महत्व क्या है, बच्चों को ऐसे मिलेगा महावरदान

बुध प्रदोष की महिमा और महत्व क्या है, बच्चों को ऐसे मिलेगा महावरदान
  • 1/5
शास्त्रों में प्रदोष व्रत भगवान शिव की महा कृपा पाने का दिन है. जो प्रदोष व्रत बुधवार के दिन पड़ता है उसे बुध प्रदोष कहते हैं. बुध प्रदोष व्रत करके कोई भी व्यक्ति अपने बुध और चन्द्रमा को अच्छा कर सकता है. हर महीने की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत किया जाता है.
बुध प्रदोष की महिमा और महत्व क्या है, बच्चों को ऐसे मिलेगा महावरदान
  • 2/5
किसी भी प्रदोष व्रत में भगवान शिव की पूजा शाम के समय सूर्यास्त से 45 मिनट पूर्व और सूर्यास्त के 45 मिनट बाद तक की जाती है. बुध प्रदोष का व्रत करके जीवन के समस्त रोग, दोष, शोक, कलह, क्लेश हमेशा के लिए खत्म हो जाते हैं. इस व्रत से बुध ग्रह के अशुभ प्रभाव को कम करने के साथ साथ दिमागी बीमारियां खत्म हो सकती हैं और बच्चों को बुद्धि का वरदान मिल सकता है.

बुध प्रदोष की महिमा और महत्व क्या है, बच्चों को ऐसे मिलेगा महावरदान
  • 3/5
बच्चों को बुद्धि का वरदान
- बुध प्रदोष के दिन घर के बड़े बुजुर्ग अपने घर के बच्चों के हाथ से जरूरतमंद बच्चों को लेखन सामग्री और हरी वस्तुओं का दान कराएं
-  बुधवार के दिन सुबह के समय पांच तुलसी के पत्ते और मिश्री बच्चों के हाथ से भगवान विष्णु को अर्पण कराएं
-ॐ सद्बुद्धि प्रदाये नमः मंत्र का 11 बार जाप कराएं  उसके बाद एक तुलसी पत्र अपने बच्चों को खिलाएं
- ऐसा लगातार पांच दिन तक करने पर बच्चों को सही और गलत में फर्क पता चलेगा
- और बच्चे गलत रास्ते पर बिल्कुल नही जाएंगे
Advertisement
बुध प्रदोष की महिमा और महत्व क्या है, बच्चों को ऐसे मिलेगा महावरदान
  • 4/5
बच्चे कैसे बनेंगे महा बलवान
- बुध ग्रह को बलवाल करने के लिए मां दुर्गा और भगवान गणेश की पूजा अर्चना जरूर करें
-हरे रंग की वस्तुओं का ज्यादा प्रयोग करें
-अपनी बहन बेटी बुआ को सम्मान दें
- अपने घर की उत्तर दिशा में जल भरकर जरूर रखें
- जरूरतमंद कन्याओं के विवाह में भोज्य सामग्री आदि देकर मदद करें
- बुध ग्रह की मजबूती के लिए किन्नरों को भी दवा वस्त्र भोजन का दान करें
बुध प्रदोष की महिमा और महत्व क्या है, बच्चों को ऐसे मिलेगा महावरदान
  • 5/5
बीमारियों पर खर्च होने वाले धन पर लगाम
- लाल रंग के भगवान गणेश की स्थापना करें.
- नित्य प्रातः गणेश जी को लाल पुष्प और 27 हरी दूर्वा की पत्तियां अर्पित करें
- इसके बाद वक्रतुण्डाय हुं मन्त्र का जाप लाल चंदन की माला से करे
- लगातार 27 दिन तक यह मंत्र जाप करते रहें
- जाप पूर्ण होने के बाद और कार्य सिद्ध होने के बाद  जरूरतमंद लोगों को खाना जरूर खिलाएं
- शाम के समय प्रदोष काल में शिवलिंग पर जल में कुशा मिलाकर अभिषेक करें
- और तिल के तेल का चौमुखा दीया भगवान शिव के सामने जलाएं तथा नमः शिवाय का जाप करें
Advertisement
Advertisement