scorecardresearch
 
Advertisement
धर्म

आसाराम को सताता था MMS बनने का डर, पंखे से भी खाता था खौफ!

आसाराम को सताता था MMS बनने का डर, पंखे से भी खाता था खौफ!
  • 1/14
आध्यात्मिक गुरु आसाराम को जोधपुर की कोर्ट ने नाबालिग लड़की से रेप केस में दोषी ठहरा दिया है. 2013 में आसाराम के खिलाफ यूपी के शाहजहांपुर की रहने वाली एक नाबालिग लड़की ने रेप का सनसनीखेज आरोप लगाया था. आसाराम पर इससे पहले भी यौन शोषण, वीभत्स तांत्रिक क्रियाएं, हत्या, डराने-धमकाने, जबरन जमीन हथियाने जैसे आरोप लग चुके हैं.   
आसाराम को सताता था MMS बनने का डर, पंखे से भी खाता था खौफ!
  • 2/14
चार दशक पहले आसाराम ने एक अनोखा सपना पाला था- भगवान बनने का. कहा जाता है कि आसुमल हरपलानी उर्फ आसाराम बापू कभी तांगा चलाता था, उसने कभी सड़क के किनारे चाय बेचने का धंधा भी किया और अहमदाबाद के मणिनगर में शराब के धंधे में भी हाथ आजमाया. अपने सत्संग में भारी भीड़ आकर्षित करने की कला की बदौलत उसके अनुयायियों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी और जल्द ही हर पार्टी के नेता भी आसाराम से जुड़ने में होड़ लेते दिखे.
आसाराम को सताता था MMS बनने का डर, पंखे से भी खाता था खौफ!
  • 3/14
16 साल तक आसाराम के निजी वैद्य रहे 54 वर्षीय अमृत प्रजापति ने इंडिया टुडे से बातचीत में कहा था, ''वह बहुत शातिर है. भगवान बनने का सपना पालने वाला आसाराम उन भौतिक सुख-सुविधाओं और विलासिता के बीच जी रहा था, जिसे जानकर एक आम आदमी को शर्म महसूस होगी.
Advertisement
आसाराम को सताता था MMS बनने का डर, पंखे से भी खाता था खौफ!
  • 4/14
वर्ष 1999 में अमृत प्रजापति को मलेरिया से पीड़ित आसाराम के इलाज के लिए बुलाया गया तो उनकी पहुंच अंदर तक हो गई. पहली बार वहां गए प्रजापति आसाराम की 'शांति कुटीर’ और 'ध्यान की कुटिया’ का वर्णन कुछ इस तरह करते हैं, ''आसाराम एक विशालकाय पलंग पर पसरा था. उसे होश नहीं था.”
आसाराम को सताता था MMS बनने का डर, पंखे से भी खाता था खौफ!
  • 5/14
लेकिन उसके आवास की भव्यता और विलासिता उन्हें याद है, ''एयरकंडीशनिंग, अत्याधुनिक बाथरूम, यहां तक कि एक डिह्यूमिडिफायर (उमस को संतुलित करने वाली मशीन) भी वहां मौजूद थी, जो भारी बारिश के दिनों में ह्यूमिडिटी का सामान्य स्तर बनाए रखती थी.”
आसाराम को सताता था MMS बनने का डर, पंखे से भी खाता था खौफ!
  • 6/14
नाम न छापने की शर्त पर आसाराम के एक सहायक ने इंडिया टुडे को बताया था कि, ''उसे हमेशा डर लगता था कि किसी महिला के साथ उसकी फिल्म बना ली जाएगी. यहां तक कि वह डरा रहता है कि छत पर लगे पंखों में कहीं गुप्त कैमरे न लगा दिए गए हों. वह इसलिए अपने कमरे में पंखा भी नहीं रहने देता.”
आसाराम को सताता था MMS बनने का डर, पंखे से भी खाता था खौफ!
  • 7/14
प्रजापति बताते हैं कि उन्होंने 1999 में जब आसाराम का इलाज शुरू किया तो वह रक्त में अधिक कोलेस्ट्राल, थॉयरॉयड और मोटापे की समस्या से परेशान था. कभी आसाराम की भगवान की तरह पूजा करने वाले प्रजापति की नजर में आसाराम एक बेहद भ्रष्ट और लंपट किस्म का शख्स है, जिसके लिए रोज तीन घंटे की मालिश और गुलाब से सुगंधित जल में घंटों तक स्नान करना बहुत जरूरी होता था. वह नहाने के लिए केसर से बने हुए साबुन का इस्तेमाल करता था.”
आसाराम को सताता था MMS बनने का डर, पंखे से भी खाता था खौफ!
  • 8/14
1986 में मोटेरा आश्रम में आसाराम के अनुयायियों में शामिल हुईं 52 वर्षीया सुनीता पटेल कहती हैं कि एक दशक बाद वे वहां से भागने को मजबूर हो गईं. वह कहती हैं, ''अब वह आश्रम नहीं रह गया था, जहां आप भगवान या संत की तलाश में जाते हैं.”
आसाराम को सताता था MMS बनने का डर, पंखे से भी खाता था खौफ!
  • 9/14
आश्रम में चल रही काली करतूतों के बारे में वे बताती हैं कि किस तरह दो युवा महिलाओं के दो कूट नाम रखे गए थे 'डेहल’ (गुजराती में डेहल का अर्थ है मोरनी) और 'बंगला’. ये दोनों महिलाएं सम्मेलनों में युवा लड़कियों की ताक में रहती थीं. सुधा बताती हैं कि आसाराम को जो लड़की पसंद आ जाती, वह उसकी ओर कोई फल या कैंडी फेंक देता था.
Advertisement
आसाराम को सताता था MMS बनने का डर, पंखे से भी खाता था खौफ!
  • 10/14
यह इस बात का संकेत होता था कि लड़की को राजी किया जाए. सुधा खुलासा करती है, ''यह रोज की बात थी. आसाराम की साधिकाएं लड़की के माता-पिता को राजी करतीं कि उनकी बेटी भाग्यशाली है. वे लड़की को आसाराम की कुटीर में ले जाने का अनुरोध करतीं कि वहां लड़की के लिए विशेष अनुष्ठान किया जाएगा.
आसाराम को सताता था MMS बनने का डर, पंखे से भी खाता था खौफ!
  • 11/14
लेकिन सुधा और अमृत प्रजापति, दोनों ही मानते हैं कि इसका शायद ही कभी विरोध हुआ. अधिकतर लड़कियां और उनके परिवार वाले यह मानते थे कि उनके ऊपर विशेष कृपा हुई है. आखिरकार भगवान ने स्वयं उन्हें चुना है. आसाराम कृष्ण हैं और वे उनकी गोपिकाएं हैं. प्रजापति एक घटना याद करते हैं कि एक दिन लड़कियों में इस बात पर बहस हो रही थी कि एक खास दिन कुटीर में कौन जाएगी.


आसाराम को सताता था MMS बनने का डर, पंखे से भी खाता था खौफ!
  • 12/14
अहमदाबाद में आयुर्वेदिक दवाएं बेचकर सामान्य-सी कमाई करने वाली सुधा बताती हैं कि वे मोटेरा आश्रम की उन गिनी-चुनी महिलाओं में एक हैं, जो आसाराम के अनुरोध को ठुकराकर वहां बनी रहीं. वे बताती हैं कि उन्होंने मुझे राजी करने वाले शख्स को एक लाख रु. का इनाम देने का वादा किया था. सत्संग के दौरान आसाराम घोषणा करता, ''जो सुधा को सुधारकर दिखावे, उसे एक लाख रु. इनाम दूंगा.”
आसाराम को सताता था MMS बनने का डर, पंखे से भी खाता था खौफ!
  • 13/14
16 दिसंबर को दक्षिण दिल्ली की एक ठिठुरती हुई रात में फिजियोथैरेपी की एक छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार के बाद जब देश भर में लोगों में काफी आक्रोश फैल गया था तो 7 जनवरी को आसाराम ने कहा था कि ''पीड़िता भी उतनी ही दोषी थी, जितने कि बलात्कारी. यदि वह उन्हें 'भाई’ का संबोधन देकर उनसे ऐसा न करने का अनुरोध करती तो शायद उसका जीवन बच जाता.”  जिस 16 साल की लड़की से बलात्कार का उस पर आरोप है, यदि वह उन्हें भाई कहती तो क्या आसाराम रुक जाता?



आसाराम को सताता था MMS बनने का डर, पंखे से भी खाता था खौफ!
  • 14/14
प्रजापति कहते हैं, ''नहीं, बिलकुल नहीं. अगर वह उन्हें पिता कहकर बुलाती तब भी वह नहीं रुकता. क्योंकि आसाराम का मानना है कि वह भगवान है और वह जो कुछ भी करता है, वह 'भगवान का कार्य’ ही होता है.”
Advertisement
Advertisement