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Shardiya Navratri 2021: नवरात्रि 8 दिन के, एक ही दिन होगी देवी के दो स्वरूपों की पूजा, क्या लगाएं भोग?

Shardiya Navratri 2021 bhog list: शारदीय नवरात्रि की शुरुआत आज से हो गई है, जिसका समापन 14 अक्टूबर को महानवमी के साथ होगा. इस साल आठ दिन के नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों का पूजन होगा. देवी मां के स्वरूपों को हर दिन अलग-अलग भोग लगाया जाता है. मां शैलपुत्री को घी का भोग लगाया जाता है, तो वहीं शक्कर का भोग लगाने से मां ब्रह्मचारिणी प्रसन्न होती हैं. आपको बताते हैं देवी मां के नौ स्वरूपों के पसंदीदा भोग.

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 देवी के 9 स्वरूपों को चढ़ाएं ये 9 भोग
देवी के 9 स्वरूपों को चढ़ाएं ये 9 भोग
स्टोरी हाइलाइट्स
  • हर दिन लगाएं अलग-अलग भोग
  • पसंदीदा भोग से प्रसन्न होती हैं देवी मां

Shardiya Navratri 2021 Bhog list: शारदीय नवरात्रि आज से शुरू हो गए हैं. इस बार दो तिथियां एक साथ पड़ने की वजह से नवरात्रि आठ दिन ही चलेंगे. मां चंद्रघंटा और कुष्मांडा का पूजन एक ही दिन 9 अक्टूबर का होगा. 14 अक्टूबर 2021 को महानवमी मनाई जाएगी. ऐसे में भक्त आठ दिन तक देवी मां के अलग-अलग स्वरूपों का पूजन करेंगे. नवरात्रि व्रत के दौरान हर दिन मां के नौ स्वरूपों को उनका पसंदीदा भोग लगाने से शुभ फल की प्राप्ति होती है. देवी मां भक्तों की मनोकामना पूरी करती हैं. आइए जानते हैं माता के किस स्वरूप को कौन सा भोग चढ़ाया जाता है. 

1- मां शैलपुत्री-घी (Maa Shailputri-Ghee): मां शैलपुत्री को सफेद चीजों का भोग लगाया जाता है. मां के भक्त इस दिन पीला वस्त्र पहनकर उन्हें घी चढ़ाते हैं. इस दिन देवी मां के चरणों में गाय का शुद्ध घी अर्पित करने से व्यक्ति को हर तरह के रोगों से मुक्ति मिलती है.

 

2- मां ब्रह्मचारिणी-शक्कर (Maa Brahmacharini- Sugar): नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी को उनके भक्त हरे वस्त्र पहनकर शक्कर का भोग लगाते हैं. इस दिन माता को मिश्री, चीनी और पंचामृत का भोग लगाया जाता है. माना जाता है कि इस दिन इन खास चीजों का दान करने से आयु लंबी होती है. 

3- मां चंद्रघंटा-खीर (Maa Chandraghanta-kheer): मां चंद्रघंटा को दूध और उससे बनी चीजों का भोग लगाया जाता है.  माना जाता है कि इन चीजों का दान करने से मां चंद्रघंटा खुश होती हैं और व्यक्ति के सभी दुखों का नाश करती हैं.


4- मां कुष्मांडा-मालपुआ (Maa Kushmanda-Malpua): नवरात्रि के चौथे दिन मां कुष्मांडा को मालपुआ का भोग लगाया जाता है. इस दिन माता के भक्त नारंगी वस्त्र पहनकर देवी कुष्मांडा की पूजा करते हैं. इस दिन मालपुआ से बना प्रसाद किसी ब्राह्मण को दान करने से बुद्धि का विकास होता है. 


5- मां स्कंदमाता-केला (Maa Skandmata-Banana): नवरात्रि के पांचवें दिन स्कंदमाता देवी की पूजा की जाती है. इस दिन उजला वस्त्र पहनकर माता रानी को केले का भोग लगाने के बाद ये प्रसाद ब्राह्मण को देना चाहिए. ऐसा करने से सद्बुद्धि आती है. 

6- मां कात्यायनी-शहद (Maa Katyayani-Honey):  छठे दिन श्रद्धालु लाल रंग के कपड़े पहनकर देवी कात्यायनी को शहद का भोग लगाते हैं. इस दिन प्रसाद में शहद का प्रयोग करने से साधक को सुंदर रूप की प्राप्ति होती है.

7- मां कालरात्रि-गुड़ (Mata Kalratri-Gur): नवरात्रि के सातवें दिन कालरात्रि देवी की पूजा की जाती है. इस दिन माता के भक्त नीले वस्त्र पहनकर देवी को गुड़ का भोग लगाते हैं.  कहा जाता है कि इस दिन भगवती को गुड़ का भोग लगाने से व्यक्ति शोकमुक्त होता है.

8- मां महागौरी-नारियल (Maa Mahagauri- Coconut): इस दिन महागौरी की पूजा की जाती है. श्रद्धालु इस दिन गुलाबी वस्त्र पहनकर मां को नारियल चढ़ाते हैं. नारियल का भोग लगान के बाद नारियल को सिर से घुमाकर बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें. मान्यता है कि ऐसा करने से आपकी मनोकामना पूरी होगी.

9- मां सिद्धिदात्री-तिल (Maa Siddhidatri-Til): नवरात्र के अंतिम दिन सिद्धिदात्री देवी की पूजा की जाती है. मां के भक्त इस दिन बैंगनी रंग के वस्त्र पहनकर मां को विभिन्न प्रकार के अनाजों का भोग लगाएं जैसे- हलवा, चना-पूरी, खीर और पुए और फिर उसे गरीबों को दान करें. इससे जीवन में हर सुख-शांति मिलती है. 

 

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