राजस्थान के सरकारी स्कूलों की जर्जर हालत पर आज तक ने ध्यान दिलाया था। झालावाड़ में एक हादसे में बच्चों की जान चली गई, जिसके बाद प्रदेश के स्कूलों की दयनीय स्थिति सामने आई। शिक्षा मंत्री ने इस पर कहा कि "ये कांग्रेस सरकार का पाप है। पिछले पांच सालों में इन्होंने स्कूलों की हेयर सवाल नहीं ली। उनका उनका जो जर्जर हो गए थे, मरम्मत नहीं की। हम चरणबद्ध तरीके से मरम्मत करा रहे हैं और चरणबद्ध तरीके से सारे विद्यालय को ठीक करेंगे।" यह सिर्फ झालावाड़ की बात नहीं है, बल्कि पाली, बूंदी और प्रतापगढ़ जैसे जिलों में भी सरकारी स्कूलों की इमारतें खस्ताहाल हैं। कहीं छतें गिर चुकी हैं तो कहीं पानी टपकता है। कई स्कूलों में बच्चे बरामदे में या खुले में पढ़ने को मजबूर हैं। एक स्कूल में 90 बच्चों पर केवल एक शिक्षक है। अभिभावक लगातार शिकायत कर रहे हैं, लेकिन अधिकारियों और प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है और जिम्मेदार लोगों पर जवाबदेही तय नहीं हो रही है।