राजस्थान में एक तरफ भजनलाल सरकार एक साल पूरा करने का जश्न और 'राइजिंग राजस्थान' की तैयारी में लगी हुई है. दूसरी तरफ सरकार के ही वरिष्ठ मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने मोर्चा खोल दिया है. महिला थानेदार से झगड़े को लेकर ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि मेरी ही सरकार में मेरे खिलाफ मुकदमा दर्ज हो रहा है जबकि महिला थानेदार के खिलाफ कांग्रेस सरकार में एक जमीन हड़पने का भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज हुआ था.
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि गहलोत सरकार में भी ये थानेदार इतनी ताकतवर थी कि इसका बाल बांका नहीं हुआ. और अब हिम्मत देखिए कि कैबिनेट मंत्री के खिलाफ राजकाज में बाधा का मुकदमा दर्ज कर लिया. मंत्री ने अपनी ही सरकार पर अपने खिलाफ इंटेलिजेंस से गलत रिपोर्ट बनाने का आरोप लगाया.
अपनी सरकार में अन्याय सहन नहीं करूंगा: मंत्री
मंत्री किरोड़ी लाल ने अपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक भाषण का वीडियो भी दिखाया और कहा कि भारतीय नागरिक संहिता पर चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने एक मीटिंग में कहा था कि कोई भी पुलिस अधिकारी किसी भी व्यक्ति को बिना लिखित में सूचना दिए हिरासत में नहीं ले सकता है. मगर ये सब बीजेपी की सरकार में ही राजस्थान में हो रहा है. भले ही सरकार मेरी है, तो क्या. मैं अन्याय सहन नहीं करूंगा.
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि महिला थानेदार आधी रात को लड़कियों को जबरन उठाने गई थी. मुझसे यही गलती हो गई कि मुझे जब खबर मिली तो मैं उन्हें बचाने के लिए मौके पर चला गया. मैं कह रहा हूं कि आगे से मैं मौके पर नहीं जाऊंगा. अन्याय के खिलाफ बोलने पर मेरे खिलाफ ही मामला दर्ज कर लिया गया.
क्या है पूरा मामला
दरअसल, राजस्थान में नाराज चल रहे मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने 5 दिसंबर को पेपरलीक के आरोपों पर सब इंस्पेक्टर परीक्षा रद्द करने के लिए आंदोलन का ऐलान कर किया था. ऐसे में इसके आयोजक छात्र छात्राओं को पकड़ने देर रात पुलिस इनके हॉस्टल पहुंची तो इनको छुड़ाने के लिए मंत्री हॉस्टल और थाने पहुंच गए. आरोप है कि मंत्री महिला थानेदार पर चिल्लाने लगे, इसके बाद महिला थानेदार ने कहा कि आप गुस्सा क्यों हो रहे हैं. आराम से बात कीजिए. इसके बाद मंत्री महिला थानेदार पर कार्रवाई के लिए गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम के घर पहुंचे तो महिला थानेदार भी मंत्री की धमकी को रोजनामचे में डाल दिया.