जयपुर में चल रही स्लीपर बसों में सुरक्षा मानकों के खुले उल्लंघन की खबरें दिखाए जाने के बाद परिवहन विभाग सक्रिय हो गया. परिवहन विभाग की विजिलेंस टीम ने कार्रवाई करते हुए दर्जनों बसों का चालान काटा और कई को सीज किया.
'आजतक' पर हमने दिखाया था कि स्लीपर बस के नाम पर लालची बस मालिक इन्हें चलते-फिरते 'यमदूत' बना रहे हैं, जहां यात्रियों की सुरक्षा के लिए बने नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं. कहीं इमरजेंसी गेट के नाम पर धोखा दिया गया है, तो कहीं फायर सिलेंडर और हैमर तक नहीं हैं.
'आजतक' पर खबर दिखाए जाने के बाद जयपुर में परिवहन विभाग की रेड स्लीपर बसों पर जारी रही. एक बस अहमदाबाद से जयपुर आ रही थी. परिवहन विभाग की विजिलेंस टीम ने उसे रोककर चेक किया तो हैरान रह गए. इमरजेंसी गेट पर सामान रखकर पूरी तरह पैक कर दिया गया था. बस का गलियारा भी सामान से जाम था.
दूसरे इमरजेंसी गेट पर भी सीट लगाकर उसे ब्लॉक किया गया था. बस पार्शवनाथ ट्रैवेल की थी, जो अहमदाबाद की यास्मीन खान की है. यात्रियों को उतारकर बस को सीज कर परिवहन विभाग के यार्ड में ले जाया गया, जहां बस मालिक पर केस दर्ज किया जाएगा. देखें VIDEO:-
दूसरी बस भुज से जयपुर आ रही थी, जिसमें दोनों इमरजेंसी गेट के आगे सीटें लगी हुई थीं. इस पर भी चालान काटा गया और कार्रवाई की गई.
एक अन्य बस सिंधी कैंप से जब्त करके लाई गई. बाहर से इमरजेंसी गेट दिखाई दे रहे थे, लेकिन अंदर दोनों इमरजेंसी गेट पर चार-चार स्लीपर सीटें लगाकर उन्हें पूरी तरह पैक किया गया था. कई बसों ने नियमों का उल्लंघन करते हुए छत पर कैरियर बना रखा था, उन्हें भी तोड़कर हटाया गया.
(राजसमंद से देविंदर सिंह का भी इनपुट)