अशोक गहलोत, सोनिया गांधी और सचिन पायलट राजस्थान में जारी सियासी संकट के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की. ये बैठक करीब 1.30 घंटे चली. बैठक के बाद उन्होंने ऐलान कर दिया कि वे कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ेंगे. इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि राजस्थान में जो कुछ हुआ, उसके लिए वे काफी दुखी हैं, वे काफी आहत हुए हैं. इसके लिए उन्होंने सोनिया गांधी से माफी भी मांगी है. बताया जा रहा है कि अशोक गहलोत के बाद सचिन पायलट भी सोनिया गांधी से मुलाकात करेंगे. वे पिछले 2 दिन से दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं. इसी बीच मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए नामांकन फॉर्म लिया है. उन्होंने कहा कि वे कल यानी आखिरी दिन नामांकन भरेंगे.
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने गुरुवार शाम कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से नई दिल्ली में मुलाकात की. लगभग 1 घंटे चली बैठक के बाद सचिन पायलट बाहर आए तो उन्होंने कहा- हमने पार्टी की अध्यक्ष और अन्य नेताओं से बात की है. उन्होंने हमारी सारी बातों को सुना. हमने उन्हें अपनी भावनाएं बता दी हैं. मैं पहले भी कहता रहा हूं कि हम सब चाहते हैं कि 2023 का विधानसभा चुनाव हम मिलकर लड़ें. हमें यकीन है कि हम राजस्थान में दोबारा कांग्रेस की सरकार बनाएंगे. मेरी पहली प्राथमिकता राजस्थान है.
सोनिया गांधी से मुलाकात के लिए सचिन पायलट दस जनपथ पहुंच गए हैं. पायलट कांग्रेस अध्यक्ष को राजस्थान के मसले पर अपना पक्ष रखेंगे. और पूरे घटनाक्रम से अवगत कराएंगे. इससे पहले दोपहर में सीएम अशोक गहलोत ने सोनिया गांधी से मुलाकात की थी और राजस्थान के सियासी घटनाक्रम पर माफी मांगी थी.
BJP नेता अमित मालवीय ने ट्वीट किया- जब से राहुल गांधी ने अपनी भारत जोड़ो यात्रा शुरू की है, कांग्रेस की गोवा और जम्मू-कश्मीर की राज्य इकाइयां बिखर गई हैं. राजस्थान ने एक बगावत देखी है और कर्नाटक में गुटबाजी की खबरें आई हैं. इस सब में कांग्रेस यह भूलती दिख रही है कि गुजरात, हिमाचल प्रदेश, त्रिपुरा और नागालैंड में चुनाव होने हैं.
सचिन पायलट दिल्ली में हैं और वे आज शाम 7 से 8 बजे के बीच कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करने पहुंच सकते हैं. वहीं, गहलोत खेमे के विधायक महेश जोशी भी प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद दिल्ली के लिए निकले हैं.
गुरुवार को कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा है कि अध्यक्ष पद के लिए 30 सितंबर को नामांकन की आखिरी तारीख है. कल आखिरी नॉमिनेशन के बाद तस्वीर साफ हो जाएगी. कल तक का इंतजार करना होगा. वेणुगोपाल ने राजस्थान मसले पर भी बयान दिया. उनसे पूछा गया कि क्या अशोक गहलोत सीएम बने रहेंगे? इस पर वेणुगोपाल ने जवाब दिया कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी अगले दो दिन में इस संबंध में फैसला लेंगी. बता दें कि आज दोपहर में अशोक गहलोत ने सोनिया गांधी से मुलाकात की है.
महेश जोशी ने आगे कहा कि हम जानना चाहते हैं कि हितों के टकराव वाले बयान से अजय माकन का क्या मतलब है? इस्तीफे के भविष्य पर फैसला हाईकमान करेगा. हमारा स्टैंड एक ही है कि हम पायलट खेमे से कोई मुख्यमंत्री नहीं चाहते थे. बीजेपी नेता अमित मालवीय के ट्वीट पर कहा- 'बीजेपी से ऐसे बयानों की उम्मीद है. हमें पायलट खेमे से कुछ भी उम्मीद नहीं है.' हमने जो किया उसकी नैतिक जिम्मेदारी अशोक गहलोत ने ली है. हमें लगता है कि हम अपने स्टैंड पर सही हैं. अब खबर है कि महेश जोशी दिल्ली के रवाना हुए हैं.
उन्होंने आगे कहा- अशोक गहलोत ने विनम्रता की मिसाल पेश की है. 25 सितंबर को अशोक गहलोत सो नहीं पाए थे. उनकी बातों से उनकी आत्मा झलक रही थी. हम आलाकमान का फैसला मानने को तैयार हैं. हमने सिर्फ तीन चीजें रखी थीं- मानेसर गए लोगों (पायलट कैंप) को मुख्यमंत्री ना बनाया जाए. निवर्तमान मुख्यमंत्री की सिफारिश को प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी. 19 अक्टूबर के बाद सीएम बदलना चाहिए.
कांग्रेस विधायक महेश जोशी ने जयपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की है. उन्होंने कहा- अशोक गहलोत ने माफी मांगकर अच्छी पहल की है. ये स्वच्छ और विनम्र राजनीति को दर्शाती है. मैं अशोक गहलोत के साहसिक कदम उठाने की सराहना करता हूं. अशोक गहलोत के माफी मांगने से सारे मसले सुलझ जाते हैं. हम अपना जवाब आलाकमान को देंगे. सीएम ने साफ किया कि उन्होंने कभी भी आलाकमान के आदेशों की अवहेलना नहीं की है. हमारी एक अलग इच्छा थी. अभी नोटिस मेरे हाथ में नहीं आया है. जब भी हमें मिलेगा, हम उसका जवाब देंगे.
बीजेपी नेता राजवर्धन राठौर ने कहा कि इनके सियासी ड्रामे से हमें कोई लेना-देना नहीं है. लेकिन मुझे लगता है कि उनके लिए पार्टी कुछ नहीं है. सत्ता ही सब कुछ है. राजस्थान आज लूट का अड्डा बन गया है. अपनी सत्ता बचाने के लिए गहलोत ने कुछ को मंत्री और कुछ को चेयरमैन बना दिया. जब राहुल गांधी कांग्रेस के अध्यक्ष नहीं बनना चाहते हैं तो कोई दूसरा अध्यक्ष क्यों बनना चाहेगा? राजस्थान की जनता गहलोत सरकार से पीड़ित है. हम आज भी और कल भी चुनाव के लिए तैयार हैं. बीजेपी के कार्यकर्ता और नेता सेवा-भाव से काम करते हैं. पिछले दो सालों में उनके यहां चेहरे की लड़ाई है. सत्ता को लूट के लिए इस्तेमाल करती है.
बसेडी से विधायक गिर्राज मलिंगा ने कहा कि 102 में तो मैं भी होटल में था, मुझे बना दो सीएम. ये असली गद्दार हैं जो विधायक दल की मीटिंग में नहीं गए. प्रताप सिंह पाला बदलने वाला विधायक हैं. सचिन पायलट का राजस्थान में क्रेज है.
बाड़मेर में अशोक गहलोत गुट के चोहटन से विधायक पदमाराम मेघवाल ने कहा कि जो आलाकमान फैसला करेगा, वह मंजूर है, यह एक प्रक्रिया है. वहीं, बाड़मेर से विधायक मेवाराम जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सक्षम हैं. आप देखना राजस्थान और केंद्र दोनों में हम मजबूत बनकर उभरेंगे.
बीजेपी प्रवक्ता शहजाद जय हिंद ने कांग्रेस पर तंज कसा है. उन्होंने कहा- गुस्ताख ए गांधी की एक ही सजा, गहलोत अध्यक्ष से जुदा! गांधी परिवार अगले कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में रबर स्टैंप की तलाश में था. स्पष्ट रूप से गहलोत अब बिल के लायक नहीं थे, इसलिए वे चले गए! ये कांग्रेस अध्यक्ष की तलाश नहीं है, बल्कि रबर स्टैंप की तलाश है! यह एक फिक्स मैच है.
जो घटना हुई उसके, मैंने तय किया है कि इस माहौल में मैं चुनाव नहीं लड़ूंगा. क्या वे राजस्थान के सीएम बने रहेंगे इस सवाल पर उन्होंने कहा कि ये फैसला न मैं करूंगा, न सोनिया गांधी ये फैसला कांग्रेस अध्यक्ष करेंगे.
अशोक गहलोत ने सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद के ऐलान कर दिया कि वे कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ेंगे.
राजस्थान में जारी सियासी संकट के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की. ये बैठक करीब 1.30 घंटे चली. बैठक के बाद उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से 50 साल में मुझे कांग्रेस पार्टी ने इंदिरा गांधी के समय से ही चाहें, कोई भी अध्यक्ष रहा, मुझे हमेशा विश्वास करके जिम्मेदारी दी गई. राहुल गांधी ने जब फैसला किया, उसके बाद भी घटना हुई, उस घटना ने हिलाकर रख दिया. पूरे देश में मैसेज चला गया कि मैं सीएम बना रहना चाहता हूं. मैंने इसके लिए सोनिया गांधी से माफी मांगी है. मैं कांग्रेस का वफादार हूं.
अशोक गहलोत जब सोनिया गांधी से मिलने 10 जनपद गए, तो उनके पास एक पेपर था. इसमें लिखा था जो हुआ बहुत दुखद है, मैं भी बहुत आहत हूं. (इनपुट- अशोक सिंघल)

सोनिया गांधी से मुलाकात के बीच अशोक गहलोत खेमे के विधायक ने खुलकर धमकी दी है. धर्मेंद्र राठौड़ ने कहा कि अगर किसी और खेमे से सीएम बनाया गया, तो हम सभी विधायक इस्तीफा दे देंगे. हम मध्यावधि चुनाव के लिए भी तैयार हैं.
अशोक गहलोत 10 जनपथ पहुंच गए हैं. वे यहां सोनिया गांधी से मुलाकात करेंगे. केसी वेणुगोपाल भी 10 जनपथ पहुंचे हैं. अशोक गहलोत के बाद सचिन पायलट भी सोनिया गांधी से आज मुलाकात करेंगे. (इनपुट - शरत कुमार)
दिल्ली: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्षा सोनिया गांधी से मिलने 10 जनपथ पहुंचे। pic.twitter.com/nfsxetq70c
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 29, 2022
दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है. उन्होंने कहा कि वे कल नामांकन भरेंगे.
कांग्रेस महासचिव मुकुल वासनिक अशोक गहलोत से मिलने पहुंचे हैं.
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल सोनिया गांधी से मिलने उनके आवास 10 जनपथ पहुंचे हैं. उधर, दिग्विजय सिंह के घर भी हलचल बढ़ गई है. चिदंबरम उनसे मुलाकात करने पहुंचे हैं. ( इनपुट- मौसमी सिंह)
कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए नामांकन की आखिरी तारीख 30 सितंबर है. पहले चर्चा थी कि अशोक गहलोत अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ेंगे. इसके अलावा शशि थरूर और मनीष तिवारी के भी चुनाव लड़ने की चर्चा है. वहीं, अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह भी इस चुनावी जंग में उतरने जा रहे हैं. दिग्विजय सिंह के मैदान में उतरने के बाद अशोक गहलोत अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ते हैं, या नहीं इस पर सस्पेंस बना हुआ है.
गहलोत से पहले एंटनी की सोनिया से मुलाकात राजस्थान में सियासी खींचतान और विधायकों के तेवर दिखाने के बाद अशोक गहलोत पहली बार दिल्ली पहुंचे हैं तो वहीं उनके पहुंचने से पहले कांग्रेस की अनुशासनात्मक समिति के प्रमुख एके एंटनी ने सोनिया गांधी से मुलाकात की. एके एंटनी ने सोनिया गांधी से हुई मुलाकात को लेकर कहा है कि हमने पार्टी और राजनीतिक मामलों को लेकर चर्चा की. एके एंटनी से पवन बंसल ने भी मुलाकात की है
गहलोत ने राजस्थान के घटनाक्रम पर कहा कि ये घर की बातें हैं. इंटरनल पॉलिटिक्स में यह सब चलता रहता है. हम इसे सुलझा लेंगे. गहलोत ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम को लेकर मीडिया का अपना दृष्टिकोण हो सकता है. हम सबको ये चिंता है कि देश किस दिशा में जा रहा है और इस चिंता को लेकर राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा पर निकले हैं.
सियासी अटकलें लगाई जा रही हैं कि सोनिया गांधी से गहलोत की मुलाकात के बाद राजस्थान की समस्या को कोई स्थायी समाधान निकल सकता है. इससे पहले गुरुवार को दिल्ली पहुंचने के बाद गहलोत के तेवर काफी नरम दिखे. अशोक गहलोत ने कहा कि सोनिया गांधी से मुलाकात करने जा रहा हूं. उन्होंने कहा कि हमारे दिल में जो नंबर वन होता है, हम उसकी अगुवाई में काम करते हैं. हम आगे भी सोनिया गांधी के नेतृत्व में एकजुट रहेंगे. गहलोत ने कहा कि कांग्रेस में हमेशा अनुशासन रहा है.