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राजस्थान में कांग्रेस विधायकों के पास है नए मुख्यमंत्री की चाबी ? इनसे राय लेकर ही फैसला लेगा पार्टी नेतृत्व

राजस्थान में नए मुख्यमंत्री को लेकर राजनीति तेज हो गई है. दरअसल अशोक गहलोत कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ेंगे ऐसे में उन्हें सीएम पद छोड़ना होगा. पिछले कई महीने से सचिन पायलट को प्रदेश का सीएम बनाने की मांग तेज हो गई है लेकिन गहलोत किसी और को मुखिया बनाना चाहते हैं. चूंकि सीएम फेस का फैसला पार्टी विधायक करेंगे इसलिए राजस्थान में कांग्रेस विधायकों और मंत्रियों के बैठकों का दौर शुरू हो गया है.

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विधायकों और मंत्रियों के साथ अलग-अलग बैठकें कर रहे हैं गहलोत और पायलट (फाइल फोटो) विधायकों और मंत्रियों के साथ अलग-अलग बैठकें कर रहे हैं गहलोत और पायलट (फाइल फोटो)
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कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए आज से नामांकन शुरू हो जाएगा. राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत अध्यक्ष पद के लिए नामाकंन कर सकते हैं. वहीं राहुल गांधी ने भी स्पष्ट कर दिया है कि कोई भी नेता पार्टी में दो पदों पर नहीं रह सकता है. ऐसे में स्पष्ट हो गया है कि अगर गहलोत को सीएम पद छोड़ना पडे़गा. इसीलिए अब राजस्थान में बैठकों का दौर शुरू हो गया है.

प्रदेश का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इसकी चाबी कांग्रेस विधायकों के पास है. यही वजह है कि अशोक गहलोत और सचिन पाइलट ने पार्टी विधायकों और मंत्रियों के साथ मुलाकात तेज कर दी है. दरअसल अशोक गहलोत पहले ही साफ कर चुके हैं कि राजस्थान का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, वह पार्टी के विधायक ही तय करेंगे. वहीं खबर यह भी है कि 27 सितंबर को पार्टी के विधायक दिल्ली पहुंचकर आलाकमान से मुलाकात कर सीएम पद के लिए उन्हें अपनी पसंद बताएंगे.

किसी व्यक्ति विशेष पर नहीं करूंगा टिप्पणी

आजतक से खास बातचीत में अशोक गहलोत ने कहा था,'चुनाव प्रक्रिया चल रही है, अभी तो मैं नामांकन भरूंगा, प्रक्रिया होगी , चुनाव भी हो सकता है. मैं किसी व्यक्ति विशेष के बारे मैं टिप्पणी नहीं करूंगा… देखते हैं राजस्थान में क्या स्थिति बनती है. आलाकमान क्या फैसला करता है और यह फैसला इस पर निर्भर करता है कि विधायक क्या सोचते हैं.' उन्होंने कहा था कि वे कहीं भी रहें लेकिन राजस्थान से कभी दूर नहीं रहेंगे, वे राजस्थान के लिए काम करते रहेंगे.

गांधी परिवार से बाहर का अध्यक्ष चाहते हैं राहुल

अशोक गहलोत जयपुर से दिल्ली और फिर दिल्ली से कोची आए. भारत जोड़ो यात्रा में हिस्सा लिया. राहुल गांधी से काफी देर तक बातचीत की. इसके बाद जयपुर का रुख किया.

कोची से जयपुर रवाना होने से पहले गहलोत ने कहा, 'मैंने पहले भी कहा एक बार मुझे राहुलजी को रिक्वेस्ट करनी थी. प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रस्ताव पास कर रही है कि आपको अध्यक्ष बनना चाहिए तो फिर आप स्वीकार कीजिए. मैंने बातचीत करने की कोशिश की लेकिन उनका कहना है कि हमने फैसला कर लिया है कि इस बार गांधी फैमिली का व्यक्ति उम्मीदवार नहीं बनेगा.

उन्होंने स्पष्ट कहा कि मुझे मालूम है कि पार्टी के लोग मुझे उम्मीदवार बनाना चाहते हैं. मैं उनकी भावनाओं का सम्मान करता हूं लेकिन मैं चाहता हूं कि इस बार नॉन-गांधी फैमिली का कोई व्यक्ति अध्यक्ष बने.

शशि थरूर का सामना करने के लिए तैयारी करूंगा

अशोक गहलोत ने साफ कर दिया है कि अब वे नामांकन करेंगे और उसके साथ ही जो चुनौती उन्हें शशि थरूर दे सकते हैं, उसकी तैयारी भी करेंगे. गहलोत ने कहा कि यह तय है कि मुझे अध्यक्ष पद के लिए कॉन्टेस्ट करना है लेकिन मैं देखता हूं कि यह पार्टी की इनर डेमोक्रेसी है.

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