राजस्थान के अलवर जिले में अवैध खनन माफियाओं के बढ़ते हौसलों को लेकर पुलिस की बेबसी सामने आई है. सरिस्का के आसपास टहला क्षेत्र में रात-दिन खुलेआम अवैध खनन हो रहा है. हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि मौके पर पहुंची पुलिस भी माफियाओं के आगे असहाय नजर आई. इस दौरान बसवा थाने के एसएचओ का बयान कैमरे में रिकॉर्ड हुआ, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
वायरल वीडियो में एसएचओ खुले तौर पर कहते दिख रहे हैं कि पुलिस और प्रशासन अवैध खनन माफियाओं से डरे हुए हैं. उनका कहना है कि माफिया पुलिसकर्मियों पर हमला कर रहे हैं और प्रशासन पर फायरिंग तक कर रहे हैं, जिससे उनके हौसले और ज्यादा बुलंद हो गए हैं.
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अवैध खनन से जुड़ा पूरा मामला
घटना बीती रात की है, जब टहला क्षेत्र में अवैध खनन के पत्थरों से भरा एक ट्रैक्टर तेज और लापरवाही से चलता हुआ एक घर की दीवार तोड़ते हुए तीन बकरियों को कुचल गया. हादसे में तीनों बकरियों की मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया.
सूचना मिलने पर बसवा, बांदीकुई, राजगढ़ और टहला थाना पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने ग्रामीणों को समझाइश दी, लेकिन अवैध खनन माफियाओं के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई होती नजर नहीं आई.
पुलिस पर हमले का डर
बकरी मालिक हरदयाल गुर्जर ने बताया कि उनकी तीन बकरियां इस हादसे में मर गईं. वहीं बसवा थाने के थानाधिकारी रामचरण ने कहा कि अवैध खनन करने वालों के हौसले इतने बुलंद हैं कि कार्रवाई करने पर वे पुलिस पर हमला कर देते हैं. उन्होंने बताया कि टहला क्षेत्र के गांवों में अवैध रूप से बजरी और पत्थरों का परिवहन लगातार हो रहा है.
देखें वीडियो...
उनके मुताबिक राजगढ़ का एक गिरोह अवैध खनन में सक्रिय है. माफिया अपने ट्रैक्टरों की नंबर प्लेट हटा देते हैं और पुलिस पीछा करे तो किसी भी तरह की वारदात करने से नहीं चूकते.
सरकार के अभियान पर सवाल
एसएचओ का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल होकर सरकार के अवैध खनन विरोधी अभियान की पोल खोलता नजर आ रहा है. टहला के गोवर्धनपुरा, पालपुर सहित आसपास के गांवों में दिन-रात अवैध खनन जारी है और पत्थरों की सप्लाई फैक्ट्रियों तक की जा रही है.
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले भी राजगढ़ कस्बे के मुख्य मार्गों से अवैध पत्थर निकाले गए थे, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है.