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युद्ध के दौरान पाकिस्तान ने राजस्थान में दागे थे कुल 413 ड्रोन, एयर डिफेंड ने सभी को हवा में ही उड़ाया

पाकिस्तान ने युद्ध के दौरान राजस्थान के सीमावर्ती जिलों बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर और श्री गंगानगर पर 413 ड्रोन हमले किए, जिन्हें भारत की वायु रक्षा प्रणाली ने हवा में ही नष्ट कर दिया था. किसी भी हमले से नुकसान या नागरिक हानि नहीं हुई. इसकी जानकारी बीएसएफ ने दी है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बीएसएफ ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी और सीमा पर रहने वाले लोगों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया जिसके बाद सीमाई क्षेत्रों में ये सफलता हासिल हुई.

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यह सांकेतिक तस्वीर है.
यह सांकेतिक तस्वीर है.

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की जवाबी कार्रवाई पर पाकिस्तान की ओर से राजस्थान के बीकानेर, जैसलमेर, बीकानेर, श्री गंगानगर और बाड़मेर जिलों में 413 ड्रोन हमले किए गए, लेकिन भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने सभी हमलों को हवा में ही नष्ट कर दिया.

न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक यह जानकारी सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के राजस्थान फ्रंटियर के इंस्पेक्टर जनरल एमएल गर्ग ने सोमवार को जोधपुर स्थित बीएसएफ मुख्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान दी. बीएसएफ अधिकारी ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पश्चिमी सीमा पर पाकिस्तान की सेना ने कई संवेदनशील स्थानों को निशाना बनाया, जिनमें फलोदी एयर बेस भी शामिल था. 

राजस्थान में पाकिस्तान का हर हमला हुआ था नाकाम: बीएसएफ

हालांकि, भारतीय सुरक्षा बलों ने पूरी सटीकता के साथ समय और स्थान का ध्यान रखते हुए हर हमले का कड़ा जवाब दिया. गर्ग ने कहा कि पाकिस्तान के ड्रोन और मिसाइल खाली नहीं थे, लेकिन भारतीय वायु रक्षा तकनीक की वजह से कोई भी ड्रोन या मिसाइल भारतीय सीमा पर नहीं पहुंच सका और न ही किसी सैन्य या नागरिक संरचना को कोई नुकसान पहुंचा.

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उन्होंने बताया कि हमले के दौरान जो वस्तुएं जमीन पर गिरीं, वो ड्रोन के टूटे हुए हिस्से या खाली मिसाइल के खोल थे. इससे स्पष्ट होता है कि भारतीय वायु रक्षा प्रणाली कितनी प्रभावी रही. कुछ घरों को मामूली नुकसान हुआ, जैसे दीवार गिरना या संरचनात्मक क्षति, लेकिन सौभाग्यवश कोई भी नागरिक घायल नहीं हुआ.

गर्ग ने यह भी कहा कि आधुनिक संसाधनों और पहले से की गई तैयारियों ने बड़े नुकसान को रोकने में मदद की. इस दौरान वरिष्ठ बीएसएफ अधिकारी सीमावर्ती इलाकों में तैनात रहे ताकि सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत हो सके और वहां के निवासियों को सुरक्षा का भरोसा मिल सके. जब उनसे ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सीमा पार पाकिस्तान की तैयारियों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि पाकिस्तान ने अपनी सेना को सीमा के उस पार तैनात किया था, लेकिन भारतीय सैनिकों ने एक भी कदम पीछे नहीं हटाया.

 

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