27 अप्रैल को मुंबई में शरद पवार ने अपनी पार्टी के कार्यकर्तों को ज्ञान दिया था कि ‘रोटी को तवे’ पर से कब उतार लेना चाहिए. तब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा था कि रोटी का तवा कोई और नहीं अजित हैं. सबने मजाक उड़ाया था लेकिन दो महीने बाद महाराष्ट्र में जबरदस्त खेला हो गया. देखिए स्पेशल कवरेज.