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मैं भाग्य हूं: मनुष्य का मापदंड उसकी आयु नहीं उसके काम होते हैं...

मैं भाग्य हूं: मनुष्य का मापदंड उसकी आयु नहीं उसके काम होते हैं...

मैं भाग्य हूं...आपकी तकदीर... जो कुछ भी आपके जीवन में होता है.  वो मुझमें ही निहित है. किंतु इसका अर्थ ये नहीं कि जो मैं चाहूं आपके साथ वही होगा... होगा तो वही जो आप चाहेंगे. क्योंकि मैं तो सिर्फ एक कारक हूं. मैं तो ईश्वर की ओर से आपके जीवन को चलाने वाला नियामक हूं.  आपका जीवन तो आप ही तय करते हैं. जैसा आप उसे बनाने के लिए प्रयास करेंगे. याद रखिए आपके जीवन में किया गया छोटे-से-छोटा काम भी जीवन-विकास के लिए उसी तरह महत्वपूर्ण है जिस तरह एक छोटा बीज, जो कालांतर में विशाल वृक्ष बन जाता है.  किसी मनुष्य का मापदंड उसकी आयु नहीं वरन उसके काम ही हैं जो उसने जीवन में किए हैं.  इसलिए कर्मवीरों ने काम को ही जीवन का आधार बनाया. किंतु आज मैं आपको इसी बात से जुड़ी एक प्रेरक कहानी बताउंगा.

Main Bhagya Hoon brings to you stories that helps you in becoming a better version of yourself. In this episode we will tell you a story about work and your identity, age is just a number. Also, know what stars have in store for you.

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