संघ के विचारक और अर्थशास्त्री गुरूमूर्ति ने आजतक से कहा कि 2000 रुपये के नोट भी बंद होने चाहिए. उन्होंने कहा कि कुछ समय बाद 2000 के नोट चलन से बाहर हो जाएंगे. उन्होंने कहा कि सरकार ने ये नोट सिर्फ इसलिए छापे हैं ताकि नोटबंदी के बाद अर्थव्यवस्था में नोटों के गैप को जल्द से जल्द भरा जा सके.